जयपुर: प्रताप सिंह खाचरियावास के आवास पर ED की छापेमारी, PACL चिटफंड घोटाले से जोड़ा जा रहा कनेक्शन

जयपुर में ED ने पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के आवास पर छापेमारी की, जो कथित तौर पर 49,000 करोड़ रुपये के PACL चिटफंड घोटाले से जुड़ी है। जांच 2,850 करोड़ रुपये के लेन-देन पर केंद्रित है। खाचरियावास का बयान अभी नहीं आया, और कोई प्रदर्शन नहीं हुआ। सियासी हलचल तेज।

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026Editor
April 15, 2025 • 10:16 AM  1.7k
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जयपुर: प्रताप सिंह खाचरियावास के आवास पर ED की छापेमारी, PACL चिटफंड घोटाले से जोड़ा जा रहा कनेक्शन
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जयपुर: प्रताप सिंह खाचरियावास के आवास पर ED की छापेमारी, PACL चिटफंड घोटाले से जोड़ा जा रहा कनेक्शन

जयपुर, 15 अप्रैल 2025: राजस्थान की राजधानी जयपुर में मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के आवास पर अचानक छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित तौर पर 49,000 करोड़ रुपये से अधिक के कुख्यात पर्ल्स एग्रोटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड (PACL) चिटफंड घोटाले से जुड़ी बताई जा रही है। सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई इस राय ने राजस्थान के सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। ED की टीम खाचरियावास के सिविल लाइंस स्थित घर पर दस्तावेजों की जांच में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, जांच का फोकस 2,850 करोड़ रुपये के एक हिस्से पर है, जो PACL घोटाले से संबंधित हो सकता है।

ED की विशेष टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में खाचरियावास के आवास पर छापा मारा। जानकारी के मुताबिक, एजेंसी को संदेह है कि खाचरियावास का इस घोटाले से जुड़े कुछ वित्तीय लेन-देन में संबंध हो सकता है। ED ने अभी तक छापेमारी के ठोस कारणों का खुलासा नहीं किया है। खाचरियावास की ओर से इस कार्रवाई पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे सियासी अटकलों को और बल मिल रहा है। खबर लिखे जाने तक ED की जांच जारी थी।

PACL चिटफंड घोटाला भारत के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक है। कंपनी ने 18 वर्षों तक अवैध सामूहिक निवेश योजनाओं के जरिए करीब 5.85 करोड़ निवेशकों से 49,100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई। निवेशकों को रियल एस्टेट और कृषि परियोजनाओं में मुनाफे का झांसा दिया गया, लेकिन यह एक पॉन्जी स्कीम साबित हुई। सेबी ने 2014 में PACL पर प्रतिबंध लगाया और निवेशकों को रिफंड का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में जस्टिस आर.एम. लोढ़ा समिति कंपनी की संपत्तियों को बेचकर निवेशकों को पैसा लौटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन प्रक्रिया धीमी है और अभी तक केवल छोटे दावों का भुगतान हुआ है।

### खाचरियावास और PACL का कथित संबंध

ED की ताजा कार्रवाई ने खाचरियावास और PACL घोटाले के बीच संभावित कनेक्शन पर सवाल उठाए हैं। सूत्रों का कहना है कि एजेंसी यह जांच रही है कि क्या खाचरियावास का इस घोटाले से जुड़े किसी व्यक्ति या समूह के साथ कोई लेन-देन था। कुछ संपत्तियों या फंड्स के दुरुपयोग की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, बिना किसी ठोस सबूत या खाचरियावास के बयान के ये अनुमान सीमित हैं।

PACL घोटाले के लाखों पीड़ित निवेशक, जो वर्षों से अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने का इंतजार कर रहे हैं, इस कार्रवाई को उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। निवेशक संगठनों ने मांग की है कि ED इस घोटाले के मुख्य दोषियों तक पहुंचे और रिफंड प्रक्रिया को तेज करे।

ED की यह छापेमारी PACL घोटाले की लंबी जांच में एक नया मोड़ ला सकती है। यदि इस कार्रवाई से कोई ठोस सबूत मिलते हैं, तो यह घोटाले के बड़े चेहरों को उजागर करने में मददगार हो सकता है। फिलहाल, सभी की नजर खाचरियावास के संभावित बयान और ED की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

Ashok Shera

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

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