फलोदी में दिल दहलाने वाली घटना : मां-बाप ने तीन मासूम बच्चों की गला रेतकर की हत्या, फिर की आत्महत्या की कोशिश

राजस्थान के फलोदी जिले के कालू पाबूजी गांव में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहां माता-पिता ने अपने तीन मासूम बच्चों—दो बेटियों और एक बेटे—की जहर देने के बाद गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने आत्महत्या की कोशिश में अपने हाथ की नसें काट लीं और जहर पी लिया। पुलिस को मंगलवार सुबह सूचना मिली, जिसके बाद आरोपी दंपती को अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जांच में घरेलू कलह को कारण बताया जा रहा है, लेकिन हत्या के पीछे का सटीक मकसद अभी स्पष्ट नहीं है।

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026Editor
April 15, 2025 • 12:12 PM  484
क
क्राइम
NEWS CARD
Logo
फलोदी में दिल दहलाने वाली घटना : मां-बाप ने तीन मासूम बच्चों की गला रेतकर की हत्या, फिर की आत्महत्या की कोशिश
“फलोदी में दिल दहलाने वाली घटना : मां-बाप ने तीन मासूम बच्चों की गला रेतकर की हत्या, फिर की आत्महत्या की कोशिश”
Favicon
Read more onthekhatak.com
15 Apr 2025
https://thekhatak.com/phalodi-parents-kill-three-children-attempt-suicide
Google News
Copied
फलोदी में दिल दहलाने वाली घटना : मां-बाप ने तीन मासूम बच्चों की गला रेतकर की हत्या, फिर की आत्महत्या की कोशिश

फलोदी में मासूमों की हत्या का दिल दहलाने वाला मामला: माता-पिता ने तीन बच्चों को उतारा मौत के घाट

राजस्थान के जोधपुर जिले के फलोदी में सोमवार रात एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। कालू पाबूजी गांव में माता-पिता ने अपने ही तीन मासूम बच्चों—9 साल के बेटे हरीश, 5 साल की बेटी किरण और 3 साल की बेटी नत्थू—की पहले जहर देकर और फिर गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस क्रूर कृत्य के बाद दोनों ने आत्महत्या की कोशिश में अपने हाथ की नसें काट लीं और जहर पी लिया। 

मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे पड़ोसियों ने शिवलाल मेघवाल के घर से चीख-पुकार की आवाजें सुनीं। जब वे घर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। तीन मासूम बच्चे खून से लथपथ मृत पड़े थे, जबकि शिवलाल मेघवाल (35) और उनकी पत्नी जतना बेहोशी की हालत में मिले। पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। 

पुलिस का त्वरित एक्शन, दंपती अस्पताल में भर्ती

सूचना मिलते ही लोहावट थाना पुलिस और फलोदी की एसपी पूजा अवाना मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने तुरंत 108 एंबुलेंस की मदद से शिवलाल और उनकी पत्नी को फलोदी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। एसपी पूजा अवाना ने बताया कि दोनों की हालत अब खतरे से बाहर है, लेकिन वे अभी पूछताछ के लिए पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं। पुलिस ने घटनास्थल से धारदार हथियार और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, शिवलाल मेघवाल उत्तराखंड में एक रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी में ड्राइवर के रूप में काम करता है। वह हाल ही में अपने गांव कालू पाबूजी लौटा था। उसकी पत्नी जतना घर पर ही बच्चों की देखभाल करती थी। परिवार में किसी बड़े विवाद की कोई स्पष्ट जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन प्रारंभिक जांच में घरेलू कलह को इस घटना का कारण माना जा रहा है। 

बच्चों की हत्या क्यों?

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर शिवलाल और जतना ने अपने ही मासूम बच्चों की इतनी बेरहमी से हत्या क्यों की। जांच में पता चला है कि दंपती ने पहले बच्चों को जहर पिलाया, फिर धारदार हथियार से उनका गला रेता। इसके बाद दोनों ने खुद भी जहर पीकर और नसें काटकर आत्महत्या की कोशिश की। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या कोई मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानी या अन्य कोई कारण इस जघन्य अपराध के पीछे था। 

इलाके में सनसनी, ग्रामीण स्तब्ध

इस घटना ने कालू पाबूजी गांव और आसपास के इलाकों में सनसनी फैला दी है। ग्रामीण इस बात से स्तब्ध हैं कि कोई माता-पिता अपने ही बच्चों के साथ ऐसा क्रूर व्यवहार कैसे कर सकते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि शिवलाल का परिवार सामान्य रूप से रहता था और किसी बड़े विवाद की बात कभी सामने नहीं आई थी। 

पुलिस की आगे की कार्रवाई

फलोदी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच शुरू कर दी है। एसपी पूजा अवाना ने कहा, "हम हर कोण से मामले की जांच कर रहे हैं। जैसे ही आरोपी दंपती पूछताछ के लिए स्वस्थ होंगे, उनसे विस्तृत जानकारी ली जाएगी।" पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घटना में कोई तीसरा व्यक्ति शामिल था या नहीं। 

समाज में उठ रहे सवाल

यह घटना न केवल एक आपराधिक मामला है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर सवाल खड़ा करती है। आखिर क्या कारण है कि माता-पिता अपने ही बच्चों के प्रति इतने क्रूर हो गए? क्या मानसिक स्वास्थ्य, आर्थिक दबाव या सामाजिक परिस्थितियां ऐसी घटनाओं को जन्म दे रही हैं? इस घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक रिश्तों की मजबूती पर ध्यान देने की जरूरत को रेखांकित किया है। 

Ashok Shera

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

Digital Archives

homeHomeamp_storiesWeb Storieslocal_fire_departmentTrendingplay_circleVideosmark_email_unreadNewsletter