पहलगाम आतंकी हमले पर शिक्षक की बेहूदी टिप्पणी से मचा बवाल, जनता ने की कड़ी निंदा और कार्रवाई की मांग
रिपोर्ट जसवंत सिंह शिवकर - जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस नृशंस हमले में 26 से 30 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। देशभर में इस घटना की कड़ी निंदा हो रही है, और लोग आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लेकिन इस दुखद मौके पर राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक सरकारी शिक्षक की आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।
शिक्षक की संवेदनहीन टिप्पणी
बाड़मेर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय दीपाजी की ढाणी, PEEO आमलीयाला में कार्यरत शिक्षक जसवंत डाभी ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर पहलगाम हमले को लेकर बेहद गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी की। डाभी ने लिखा, "अगर धर्म पूछकर मारा होता तो सैयद आदिल हुसैन शाह जिंदा होता, मिडिया ने झूठ फैलाया है। यह हमला भी पुलवामा की तरह महज एक प्रोपेगेंडा होगा।" इस बयान में डाभी ने न केवल हमले की गंभीरता को नकारने की कोशिश की, बल्कि इसे प्रचार और झूठ का हिस्सा बताकर शहीदों और पीड़ितों के परिवारों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई।