भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा का शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी पर तीखा हमला: परिवार को बताया कांग्रेसी, भाजपा जॉइनिंग को कहा 'पांच दिन का खेल'

बाड़मेर में भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा ने शिव के निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी के परिवार को तीन पीढ़ियों से कांग्रेसी बताया और उनकी भाजपा जॉइनिंग को मात्र 'पांच दिन का खेल' करार दिया। खारा ने भाटी व सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल पर सरकार के विकास कार्यों में अड़ंगा डालने का भी आरोप लगाया।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
January 2, 2026 • 11:58 AM  888
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भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा का शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी पर तीखा हमला: परिवार को बताया कांग्रेसी, भाजपा जॉइनिंग को कहा 'पांच दिन का खेल'
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भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा का शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी पर तीखा हमला: परिवार को बताया कांग्रेसी, भाजपा जॉइनिंग को कहा 'पांच दिन का खेल'

राजस्थान के बाड़मेर जिले में शिव विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी और भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा के बीच राजनीतिक बयानबाजी का दौर लगातार जारी है। हाल ही में स्वरूप सिंह खारा ने विधायक भाटी के परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें कांग्रेस से जुड़ा बताया और उनकी भाजपा जॉइनिंग को महज एक अस्थायी खेल करार दिया। यह बयान उस समय आया जब खारा स्थानीय लोगों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे थे, जहां वे राष्ट्रपति अवॉर्ड प्राप्त करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों को धन्यवाद देने गए थे।

खारा का भाटी परिवार पर आरोप: तीन पीढ़ियां कांग्रेसी स्वरूप सिंह खारा ने मीडिया से बातचीत में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका पूरा परिवार कांग्रेस से जुड़ा हुआ है। उन्होंने दावा किया:भाटी के दादा कांग्रेस से प्रधान रह चुके हैं।उनके चाचा कांग्रेस से डेलीगेट रहे हैं।तीन पीढ़ियों से परिवार कांग्रेस का समर्थक रहा है और आजादी के बाद से अब तक कभी भाजपा में नहीं रहे।पूरे इलाके में यह बात जगजाहिर है कि भाटी परिवार भाजपा से जुड़ा नहीं है।खारा ने आगे कहा, "ये भाजपा के कहां के हो गए? आजादी से लेकर आज तक भाजपा में नहीं रहे, तो ये क्यों रहेंगे?"

भाजपा जॉइनिंग को बताया 'पांच दिन का खेल' खारा ने भाटी की 2023 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा जॉइनिंग पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि भाटी ने केवल पांच दिनों के लिए भाजपा जॉइन की थी। जॉइनिंग के बाद भाजपा का दुपट्टा (पार्टी का प्रतीक चिन्ह) गुड़गांव के हाईवे पर बबूल की झाड़ियों में फेंक दिया गया। खारा के अनुसार, "वो केवल पांच दिन का ही खेल था।"यह आरोप उस घटना की ओर इशारा करता है जब 2023 में रविंद्र सिंह भाटी ने भाजपा जॉइन की थी, लेकिन शिव सीट से टिकट स्वरूप सिंह खारा को मिलने पर उन्होंने पार्टी छोड़ निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उस चुनाव में खारा की जमानत जब्त हो गई थी, जबकि भाटी ने दिग्गज कांग्रेस नेता अमीन खान सहित कई उम्मीदवारों को हराया।

सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल और भाटी पर सरकार के कामों में अड़ंगा डालने का आरोप खारा ने बातचीत में बाड़मेर के सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने दोनों नेताओं (भाटी और बेनीवाल) पर आरोप लगाया कि वे सरकार के हर काम में रोड़ा अटकाने का प्रयास कर रहे हैं। खारा ने कहा:मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पांच साल के 70 प्रतिशत काम मात्र दो साल में कर दिए, जो अपने आप में एक बड़ा इतिहास है।जिले में प्रशासनिक अधिकारी बेहतरीन काम कर रहे हैं, लेकिन इन नेताओं का काम सिर्फ सरकार के कामों की आलोचना करना है।इनमें जनता के प्रति कोई संवेदना नहीं है, सिर्फ रोड़े अटकाना और क्रेडिट न देने की कोशिश करना इनका उद्देश्य है।इनके बयानों का कोई मतलब नहीं है।

सड़क निर्माण विवाद पर भी बोले खारा खारा ने एक सड़क निर्माण विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि सड़कें आम लोगों के लिए बनती हैं और वर्तमान भाजपा सरकार काम करवा रही है। लेकिन काम क्वालिटी वाले होने चाहिए, इसमें कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने एक ठेकेदार की निंदा की, जिसने कथित तौर पर विधायक भाटी का नाम लेकर ग्रामीणों और बुजुर्गों को धमकाया और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। खारा ने कहा कि वे सभी इसकी निंदा करते हैं।

पृष्ठभूमि: पुरानी रंजिश की वजह यह बयानबाजी नई नहीं है। 2023 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शिव सीट से स्वरूप सिंह खारा को टिकट दिया था, जबकि रविंद्र सिंह भाटी को उम्मीद थी कि उन्हें मौका मिलेगा। टिकट न मिलने पर भाटी ने भाजपा छोड़ निर्दलीय चुनाव लड़ा और भारी मतों से जीत दर्ज की। उस चुनाव में खारा चौथे स्थान पर रहे और उनकी जमानत जब्त हो गई। तब से दोनों नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी चल रही है। भाटी युवाओं में काफी लोकप्रिय हैं और उन्होंने बाद में लोकसभा चुनाव भी निर्दलीय लड़ा, जहां उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों को चुनौती दी।यह विवाद राजस्थान की क्षेत्रीय राजनीति में भाजपा की आंतरिक चुनौतियों और निर्दलीय नेताओं की बढ़ती ताकत को उजागर करता है। प्रशासन की सराहना करते हुए खारा ने स्पष्ट किया कि सरकार विकास कार्यों पर फोकस कर रही है, जबकि विपक्षी बयानबाजी सिर्फ अड़ंगा डालने के लिए है।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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