राजस्थान के हिंडौन सिटी में एक दिल दहलाने वाली सड़क हादसे ने पूरे परिवार को शोक में डुबो दिया। रविवार शाम करीब 4 बजे महवा मार्ग पर भारद्वाज पेट्रोल पंप के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में 8 साल के मासूम बच्चे प्रियांशु जाट की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके माता-पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बच्चे के दादा पोते के शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगे, जिसने मौके पर मौजूद हर शख्स का दिल पसीज दिया।

हादसे का पूरा विवरण महू पुलिस चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह के अनुसार, मृतक बच्चा प्रियांशु जाट (8 वर्ष) वजीरपुर थाना क्षेत्र के शेखपुरा गांव का निवासी था। वह अपने पिता ओमपाल सिंह (या ओसपाल सिंह) और मां आशा देवी के साथ बाइक पर सवार था। तीनों कलसाड़ा में एक रिश्तेदार से मिलने गए थे और शाम को गांव लौट रहे थे।रास्ते में पिता ओमपाल को किसी का फोन आया। फोन पर बात करने के लिए उन्होंने सड़क किनारे बाइक रोक दी। बच्चा प्रियांशु बाइक पर सबसे आगे बैठा था। इसी दौरान पीछे से तेज गति से आ रहे ट्रक ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि प्रियांशु उछलकर सड़क पर जा गिरा। उसके सिर में गंभीर चोट लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। माता-पिता भी बाइक से गिरकर घायल हो गए।सूचना मिलते ही महू पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्रियांशु को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है, लेकिन ड्राइवर मौके से फरार हो गया। मामले की जांच जारी है।

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल, प्रियांशु था इकलौता बेटा हादसे की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में मातम छा गया। परिजन अस्पताल पहुंचे तो बच्चे का शव देखकर फूट-फूटकर रोने लगे। दादा तो पोते के शव से लिपटकर इतना रोए कि उन्हें संभालना मुश्किल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बड़ी मुश्किल से परिवार को संभाला।पिता ओमपाल ने बताया कि प्रियांशु उनका इकलौता बेटा था। हादसे से महज कुछ देर पहले ही बच्चे ने उनसे कहा था कि वह अच्छे से पढ़ाई करेगा, बड़ा अधिकारी बनेगा और परिवार के लिए एक पक्का मकान बनवाएगा। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। कुछ ही पलों बाद यह भयानक हादसा हो गया और उनका लाड़ला हमेशा के लिए छिन गया।यह हादसा न केवल एक परिवार की खुशियां छीन ले गया, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल खड़े कर रहा है। तेज रफ्तार और लापरवाही कितनी कीमत वसूल रही है, यह दर्दनाक घटना इसका जीता-जागता उदाहरण है।