वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता और वेस्ट एशिया (मध्य-पूर्व) में लगातार बढ़ रहे भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। निवेशकों के बीच सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) की मांग बढ़ने से कीमती धातुओं में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में सोना नए रिकॉर्ड स्तर छू सकता है।
हाल के दिनों में मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों ने निवेशकों को जोखिम भरे निवेश विकल्पों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया है। ऐसे माहौल में सोना हमेशा की तरह सबसे भरोसेमंद निवेश साधन के रूप में उभरकर सामने आया है। अमेरिका और यूरोप की आर्थिक नीतियों, ब्याज दरों में संभावित कटौती तथा डॉलर की कमजोरी भी सोने की कीमतों को समर्थन दे रही है। वहीं चांदी में भी औद्योगिक मांग और निवेशकों की रुचि के चलते मजबूती देखने को मिल रही है।
दुनिया की प्रमुख निवेश बैंकिंग संस्था JP Morgan ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि यदि वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है तो सोने की कीमतों में आने वाले महीनों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिल सकती है। बैंक का अनुमान है कि निवेशकों की सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग सोने को नए उच्च स्तरों तक पहुंचा सकती है।
केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीदारी भी बाजार को मजबूती प्रदान कर रही है। कई देशों के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं, जिससे मांग में और इजाफा हो रहा है।
बाजार में उतार-चढ़ाव अभी भी जारी है और अल्पकालिक अवधि में कीमतों में गिरावट या मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अब भी एक मजबूत विकल्प माना जा रहा है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सोने और चांदी में निवेश करने वाले निवेशकों को बाजार की चाल पर नजर बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि आने वाले समय में इन धातुओं में बड़े मूवमेंट देखने को मिल सकते हैं।