भारतीय शेयर बाजार में आईटी सेक्टर के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। वैश्विक आईटी सेवा कंपनी Accenture द्वारा अपने राजस्व (Revenue) वृद्धि अनुमान को घटाने के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई, जिसका असर भारतीय आईटी कंपनियों पर भी साफ दिखाई दिया। बाजार में आईटी शेयरों में भारी दबाव के चलते कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में 7.5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

विशेष रूप से Infosys, Tata Consultancy Services (TCS), HCLTech, Wipro और Tech Mahindra जैसे दिग्गज आईटी शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। निवेशकों को आशंका है कि वैश्विक आर्थिक सुस्ती और कॉर्पोरेट ग्राहकों द्वारा तकनीकी खर्च में कटौती का असर भारतीय आईटी कंपनियों की आय पर भी पड़ सकता है।

 एक्सेंचर का रेवेन्यू आउटलुक वैश्विक आईटी मांग का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। ऐसे में कंपनी द्वारा अनुमान घटाए जाने को निवेशकों ने पूरे टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए नकारात्मक संकेत के रूप में लिया। इसके चलते विदेशी निवेशकों ने भी आईटी शेयरों में मुनाफावसूली शुरू कर दी।

 कई बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय आईटी कंपनियों की दीर्घकालिक संभावनाएं अभी भी मजबूत बनी हुई हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसी सेवाओं की बढ़ती मांग आने वाले वर्षों में इस सेक्टर को नई गति दे सकती है।

फिलहाल निवेशकों की नजर आगामी तिमाही नतीजों और कंपनियों के प्रबंधन द्वारा दिए जाने वाले भविष्य के मार्गदर्शन (Guidance) पर बनी हुई है। यदि वैश्विक मांग में सुधार होता है, तो आईटी शेयरों में फिर से तेजी लौट सकती है, लेकिन निकट अवधि में सेक्टर में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।