भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के उत्साह और वैश्विक स्तर पर बेहतर जोखिम भावना (Risk Sentiment) के चलते मंगलवार को शानदार तेजी देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ 24,000 अंक के करीब पहुंच गया। वहीं, भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर लगभग 94.60 के स्तर पर पहुंच गया, जो मई के बाद इसका सबसे मजबूत स्तर माना जा रहा है।

बाजार में तेजी के प्रमुख कारण

विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक बाजारों में सकारात्मक संकेतों, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और घरेलू अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इसके चलते बैंकिंग, आईटी, ऑटो और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।

सेंसेक्स में शामिल कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जिससे बाजार का समग्र माहौल सकारात्मक बना रहा। निवेशकों ने हाल के दिनों में आई गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में लिया, जिसका असर बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

रुपये को भी मिला सहारा

शेयर बाजार में मजबूती के साथ-साथ भारतीय मुद्रा में भी सुधार देखने को मिला। विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ने और डॉलर इंडेक्स में नरमी के कारण रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ। लगभग 94.60 प्रति डॉलर का स्तर रुपये के लिए पिछले एक महीने का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है।

मुद्रा बाजार के जानकारों का कहना है कि यदि विदेशी निवेश का प्रवाह इसी तरह जारी रहता है और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं, तो रुपये में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है।

निवेशकों में बढ़ा भरोसा

बाजार की इस तेजी ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजों, वैश्विक आर्थिक संकेतों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर बाजार की नजर बनी रहेगी। यदि सकारात्मक माहौल जारी रहता है तो भारतीय शेयर बाजार नए रिकॉर्ड स्तरों की ओर बढ़ सकता है।

तेजी के इस दौर ने निवेशकों को राहत दी है और यह संकेत दिया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत बना हुआ है।