राजस्थान में एक ऐसा ही सामने आया हादसा जिसने एक खुशहाल यात्रा को पलभर में दर्द और माँ में बदल दिया। अजमेर से ईस्टर जा रही एक बस में भीषण दुर्घटना का शिकार हो गया। इस बस में कुल 31 लोग सवार थे, जो पीसांगन इलाके से एक पारिवारिक समारोह 'मायरा सजा' के लिए जा रहे थे। परिवार में उत्सव का माहौल था, लोग हंसी-खुशी की यात्रा कर रहे थे... लेकिन किसी ने भी नहीं सोचा था कि यह यात्रा इतनी ही सरल यात्रा ले जाए।
दुर्घटना की जगह और खतरनाक घाटियों का सच
यह हादसा पैदल यात्री से करीब 3 किमी पहले, सांझीसर के आगे स्थित पैदल यात्री घाटी में हुआ। यह लंबे समय से अपने क्लासिक, सांकरे और पहाड़ी पहाड़ों के कारण प्रभावशाली माना जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस घाटी में कई बार पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। यहां ट्रैवल्स के लिए टिकटें पूरी तरह से भारी पड़ी हैं और जरा सी फेल भी भारी पड़ सकती है।
इतना बड़ा हादसा कैसे हुआ?
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जैसे ही बस घाटी के खतरनाक मोड़ से गुजर रही थी, अचानक ड्राइवर का संतुलन बिगड़ गया।
कुछ लोगों का मानना है कि बस तेजतर्रार सचिवालय में थे, जबकि कुछ तकनीकी व्यवसायों के खतरे में पड़ रहे हैं। खोते ने ही बस सड़क को खंडित कर दिया और लगभग 150 फीट गहरी खाई में जा गिरी।
प्लाजा टाइम बस कई बार पलटी, जिससे अंदर बैठे यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। चतुर्थांश से उछालकर लोग इधर-उधर जा रहे थे, जिससे कई यात्री गंभीर रूप से डूब गए।
चीख-पुकार और सिनेमैटोग्राफर
जैसे ही बस खोई में गिरी, पूरे इलाके में चीख-पुकार गूंज उठी। घायल यात्रियों को दर्द हो रहा था, कुछ लोग घायल हो गए थे और कई लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे।
यह दृश्य वैज्ञानिक सिद्धांत था कि देश भर के लोगों का रूह कांप सामने आया।
ग्रामीण बने फरिश्ते,शुरू हुआ
दुर्घटना के तुरंत बाद आस-पास के ग्रामीण और राहगीर की मदद के लिए दौड़ें। खाई की गहराई और कठिन भौगोलिक स्थिति के बावजूद लोगों को कोई खतरा नहीं है।
रस्सियों और ऑपरेशंस की मदद से लोग नीचे उतरे और एक-एक कर का जुलूस निकाला।
कुछ स्थानीय युवाओं ने अपनी जान जोखिम में कैथोलिक गंभीर क्रेटरों को ऊपर उठाया। बाद में पुलिस और प्रशासन की रिपोर्टों पर भी पहुंच गई और तलाशी अभियान को तेज कर दिया गया।
रेजिडेंट में इलाज, कई का अनुमान
रिश्ते को पहले ईस्टर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत अजमेर के धर्मगुरु नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- दुर्घटना में एक मासूम बच्चे की मौत
- 30 से ज्यादा लोग घायल
- कम से कम 5 लोगों की हालत बेहद गंभीर
आरोपियों की टीम लगातार इलाज में लगी हुई है और कई मरीजों को आईसीयू में रखा गया है।प्रशासन जांच, जांच शुरू
घटना की सूचना जिले में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी तत्काल दें। राहत एवं बचाव कार्य की जिम्मेदारी दी गई।
प्रशासन का कहना है कि दुर्घटना के हर अधिकारी की जांच की जा रही है-
- बस ओवर क्रेडिट में क्या था?
- क्या हुआ ब्रेक फेल?
- क्या ड्राइवर से कोई गलती हुई?
इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
नागरिकता में भी गूंजा मामला
इस हादसे पर हनुमान बेनीवाल ने गहरा दुख दिखाया। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स प्लेटफॉर्म पर लिखा कि दुर्घटना की जानकारी मिलती है, उन्होंने अधिकारियों से संपर्क किया है और संकट के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
उनके इस बयान के बाद यूनिवर्सल स्तर पर भी तेजी से हलचल हुई।
मोटापा जाम और दालचीनी प्रभावित
दुर्घटना के बाद पेरिस घाटी में भारी शराब जाम हो गया। सड़क पर सामुहिक की लंबी कतारें लग गईं और पूरी तरह से ऑटोमोबाइल हो गए।
पुलिस ने मशीनरी की स्थापना पर धीरे-धीरे-धीरे-धीरे सीमेंट को सामान्य करने की कोशिश की, लेकिन कई चौथाई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बार-बार चेतावनी, फिर भी विनाश क्यों?
यह दुर्घटना एक बार फिर कई सवाल करती है—
- किस प्रकार के लाइसेंस प्राप्त लाइसेंस प्राप्त फ्लैट हैं?
- क्या बैलों को सही ट्रेनिंग दी जा रही है?
- किस कंपनी के फिटनेस की सही जांच होती है?
विशेषज्ञ का मानना है कि ऐसे क्षेत्र में स्पीड कंट्रोल, नियमित प्लांट और बेहतर रोड आवासीय उपाय अत्यंत आवश्यक हैं।
एक पल... और सब बदल गया
जो सफर हंसी-खुशी और जश्न के लिए शुरू हुआ था, वह कुछ ही मिनटों में दुर्घटना में बदल गया।
एक मासूम की जान चली गई... कई अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच लोग जंग लड़ रहे हैं... और परिवार पर दुख का पहाड़ टूट गया है।
आगे क्या?
राहत और बचाव कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन जांच जारी है। प्रशासन हर एंगल से मामले की जांच कर रहा है ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को दिखाया जा सके।
?यह बड़ी खबर पर हमारी नजरें लगातार बनी हुई है। हर अपडेट आपको सबसे पहले अनुमति देगा।