राजस्थान की धरती से एक बार फिर गर्व की खबर सामने आई है। कोटा की होनहार मुक्केबाज अरुंधती चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत का नाम रोशन किया है।

एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड पर कब्जा

एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप में 70 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में अरुंधती ने कजाकिस्तान की बॉक्सर बख्येत सेईदिश को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

यह मुकाबला मंगोलिया में खेला गया, जहां जीत के साथ ही तिरंगा शान से लहराया।

 शुरुआत से ही बनाई बढ़त

फाइनल मुकाबले में अरुंधती ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उनके सधे हुए पंच और शानदार तकनीक के सामने विरोधी खिलाड़ी टिक नहीं सकी।

हर राउंड में दबदबा बनाए रखते हुए उन्होंने मुकाबला एकतरफा कर दिया और अंत में निर्णायकों ने 5-0 से उन्हें विजेता घोषित किया।

 सेना की खिलाड़ी, देश का गौरव

अरुंधती चौधरी भारतीय सेना की टीम का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कोटा की महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी से की थी।

उनके कोच अशोक गौतम के अनुसार, यह जीत उनकी मेहनत और अनुशासन का परिणाम है।

पहले भी जीत चुकी हैं कई मेडल

अरुंधती पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं:

जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड

बुल्गारिया के स्ट्रैंड्जा मेमोरियल में सिल्वर

कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल

अब तक उनके नाम आधा दर्जन से ज्यादा गोल्ड मेडल दर्ज हो चुके हैं।

कोटा में जश्न का माहौल

इस ऐतिहासिक जीत के बाद कोटा में खुशी का माहौल है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

पिता सुरेश चौधरी ने कहा कि उनकी बेटी का अगला लक्ष्य अब ओलंपिक पदक है।

अब नजरें ओलंपिक पर

अरुंधती की इस शानदार जीत के बाद अब पूरे देश को उनसे ओलंपिक में भी पदक की उम्मीद है।

उनकी यह उपलब्धि न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है।