बांसवाड़ा जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक चौंकाने वाला सड़क हादसा हो गया। जवाहर पुल पर तेज रफ्तार में चल रही एक नई कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर लगी लोहे की रेलिंग से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार रेलिंग को चीरते हुए उसके सरियों (लोहे की छड़ों) में फंस गई और हवा में लटक गई।

हादसे में कार सवार युवक गर्वित (निवासी दानपुर, खांदू कॉलोनी) की जान बाल-बाल बची। कार के एयरबैग के तुरंत खुल जाने से उसे गंभीर चोटें नहीं आईं। पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, यह एयरबैग ही ड्राइवर का सुरक्षा कवच साबित हुआ और एक बड़ा हादसा टल गया।

हादसे का विवरण

हादसा मंगलवार रात करीब 1 बजे जवाहर पुल पर हुआ। गर्वित किसी को छोड़कर घर लौट रहे थे। तेज गति के कारण उन्होंने वाहन का नियंत्रण खो दिया और कार सीधे डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कार रेलिंग को तोड़ते हुए ऊपर चढ़ गई और लोहे की सरियों में उलझकर हवा में लटक गई।

रात का समय होने के कारण पुल पर यातायात कम था, जिससे कोई अन्य वाहन या व्यक्ति प्रभावित नहीं हुआ। फिर भी पुलिस ने तुरंत यातायात सुचारू रखने के लिए एहतियात बरती।

नई कार और एयरबैग की भूमिका

गर्वित ने बताया कि उन्होंने यह कार मात्र 12 दिन पहले, 26 मार्च को रामनवमी के दिन खरीदी थी। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन एयरबैग के खुलने से ड्राइवर सुरक्षित रहा। गर्वित को मामूली चोटें आईं, जिनका इलाज स्थानीय अस्पताल में किया गया।

पुलिस की कार्रवाई और रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। रेलिंग में फंसी कार को नीचे उतारने के लिए क्रेन की मदद ली गई। काफी मशक्कत के बाद कार को रेलिंग से अलग किया गया और पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर थाने भिजवा दिया।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे का मुख्य कारण बताया गया है।

सुरक्षा उपकरणों का महत्व

यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि आधुनिक वाहनों में लगे एयरबैग जैसे सुरक्षा उपकरण कितने महत्वपूर्ण हैं। तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाए गए वाहन अक्सर जानलेवा साबित होते हैं, लेकिन सही समय पर काम करने वाले सेफ्टी फीचर्स जान बचा सकते हैं।