बाड़मेर। जिले में पिछले कई दिनों से चल रहे तनाव और धरना-प्रदर्शन के बीच बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मोर्चरी के बाहर मृतक के परिजनों द्वारा दिया जा रहा धरना आखिरकार सहमति की ओर बढ़ गया है। राजस्थान सरकार के मंत्री के.के. विश्नोई की मध्यस्थता से प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और परिजनों के बीच महत्वपूर्ण समझौता हुआ है।
समझौते के तहत मृतक के परिवार को 27 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा परिवार के तीन सदस्यों को सरकारी उपक्रम में नौकरी देने पर भी सहमति बनी है। वहीं शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने भी मृतक के परिवार को अपनी ओर से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही मृतक की पत्नी और दोनों बेटों को रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।
इधर, गिरल लिग्नाइट माइंस के बाहर पिछले 55 दिनों से जारी मजदूरों के धरने को लेकर भी आज अहम बैठक प्रस्तावित है। शाम 8:30 बजे वार्ता होगी, जिसमें मजदूरों की मांगों और कंपनी प्रबंधन के बीच समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। माना जा रहा है कि यदि वार्ता सकारात्मक रहती है तो करीब दो महीने से चल रहा आंदोलन समाप्त होने पर सहमति बन सकती है।
गौरतलब है कि मजदूरों के समर्थन में विधायक रविन्द्र सिंह भाटी पिछले 30 दिनों से धरना स्थल पर मजदूरों के साथ डटे हुए हैं। वहीं इस पूरे मामले में चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल की मध्यस्थता भी अहम रही, जिनके प्रयासों से हुई बातचीत सफल मानी जा रही है।
अब सभी की नजरें आज सुबह होने वाली वार्ता पर टिकी हैं, जहां मजदूर आंदोलन के भविष्य और धरना समाप्ति को लेकर अंतिम फैसला सामने आ सकता है।