राजस्थान के बाड़मेर शहर में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब शहर के पुराने पावर हाउस में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि मौके पर मौजूद कर्मचारियों और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हालात को देखते हुए बिजली घर के पास स्थित घरों को खाली करवाना पड़ा।

यह घटना शहर के राय कॉलोनी रोड स्थित पुराने बिजली घर की है। यहां डिस्कॉम का सब स्टेशन और एईएन कार्यालय भी स्थित है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक परिसर में रखे ट्रांसफॉर्मर ऑयल के ड्रमों के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया।

आग लगते ही मची भगदड़

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग अचानक भड़की और देखते ही देखते पूरे परिसर में धुआं और लपटें फैलने लगीं। मौके पर मौजूद स्टाफ तुरंत अपनी जान बचाकर बाहर निकला। आग की ऊंची लपटें दूर से दिखाई देने लगीं, जिससे आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

आग इतनी तेजी से फैली कि उसकी लपटें ऑफिस से सटे दो मकानों तक पहुंच गईं। इस दौरान आसपास के लोगों ने तुरंत घरों में रखी गैस सिलेंडर और जरूरी सामान बाहर निकालना शुरू कर दिया, ताकि बड़ा हादसा टाला जा सके।

ट्रांसफॉर्मर ऑयल के ड्रम बने खतरा

स्थानीय लोगों के अनुसार परिसर में ट्रांसफॉर्मर ऑयल के कई ड्रम रखे हुए थे। आग लगने के बाद इन ड्रमों ने आग को और भड़का दिया। तेल की वजह से आग तेजी से फैलती चली गई, जिससे हालात कुछ देर के लिए बेकाबू नजर आए।

घटना के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए। प्रशासन और पुलिस की टीम ने भी इलाके को खाली करवाना शुरू कर दिया, ताकि किसी तरह की जनहानि न हो।

मौके पर पहुंचे कलेक्टर और एसपी

घटना की सूचना मिलते ही बाड़मेर कलेक्टर चिन्मयी गोपाल और एसपी चुनाराम जाट मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की।

कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने बताया कि ऑफिस परिसर में रखा पुराना स्क्रैप आग लगने का मुख्य कारण माना जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के घरों को खाली करवाया गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।

बड़ा हादसा टला

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गैस सिलेंडर और अन्य ज्वलनशील सामान बाहर नहीं निकाला जाता, तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था। फिलहाल आग पर नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन आग लगने के सही कारणों की जांच की जा रही है।

इस घटना के बाद बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और पुराने बिजली घरों में रखे ज्वलनशील सामान को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन अब पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।