राजस्थान में सक्रिय गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग की एक बड़ी साजिश को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के इनपुट पर सीकर की कोतवाली और लक्ष्मणगढ़ थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से चार पिस्टल तथा दर्जनों कारतूस बरामद किए। पुलिस का मानना है कि ये हथियार किसी बड़ी आपराधिक वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाले थे।

पुलिस ने 18 जून की सुबह गुलाब सिंह को गिरफ्तार किया, जबकि उसी रात प्रदीप मंडीवाल को उसके घर से दबोच लिया गया। तीसरे आरोपी मनोज थालौड़ को 19 जून को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि मनोज ने गुलाब सिंह का संपर्क गैंग के सक्रिय सदस्य राहुल रिणाऊ से कराया था।

एक दर्जन पिस्टल और सैकड़ों कारतूस की थी सप्लाई

सूत्रों के अनुसार, बरामद चार पिस्टल ही पूरी खेप का हिस्सा थीं। गैंग ने राजस्थान में करीब एक दर्जन पिस्टल और सैकड़ों कारतूस मंगवाए थे, जिन्हें सीकर के अलावा श्रीगंगानगर और अन्य जिलों में भी पहुंचाया गया था। पुलिस की समय पर कार्रवाई से सभी हथियार बरामद कर लिए गए और संभावित बड़ी वारदात टल गई।

मीडिएटर के जरिए पहुंच रहे थे हथियार

जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी सीधे शूटर नहीं, बल्कि हथियारों की डिलीवरी लेने और उन्हें आगे पहुंचाने वाले मीडिएटर थे। गुलाब सिंह के पास से एक जिगाना पिस्टल बरामद हुई, जबकि प्रदीप के कब्जे से दो पिस्टल और कई कारतूस मिले।

हरियाणा में पहले भी पकड़े गए थे गैंग के शूटर

यह पहली बार नहीं है जब रोहित गोदारा गैंग की योजना विफल हुई हो। अप्रैल में भी सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि गैंग के शूटर हथियार लेकर राजस्थान आने वाले हैं। संयुक्त कार्रवाई में उन्हें राजस्थान पहुंचने से पहले हरियाणा में ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

विदेश से ऑपरेट हो रहा गैंग

सूत्रों के मुताबिक, विदेश में बैठे गैंगस्टर वीरेंद्र चारण और राहुल रिणाऊ फिलहाल राजस्थान में रोहित गोदारा गैंग का नेटवर्क संभाल रहे हैं। दोनों स्थानीय युवाओं को लालच देकर गैंग से जोड़ते हैं और हथियारों तथा फिरौती जैसे अपराधों की साजिश रचते हैं।

बदला कम्युनिकेशन का तरीका

जांच एजेंसियों के अनुसार, गैंग अब पहले की तरह सिग्नल ऐप का इस्तेमाल नहीं कर रहा, बल्कि किसी दूसरे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म से संपर्क साध रहा है। तकनीकी दिक्कतों के कारण गैंग का स्थानीय गुर्गों से समय पर संपर्क नहीं हो सका, जिससे शूटरों के आने में देरी हुई और पुलिस को कार्रवाई का मौका मिल गया।

फिरौती और रैकी का भी खुलासा

इसी साल जनवरी में सीकर के एक सर्राफा कारोबारी से तीन करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में भी पुलिस ने कार्रवाई की थी। जांच में एक नाबालिग और राहुल रिणाऊ के रिश्तेदार शिव गौतम को गिरफ्तार किया गया था। नाबालिग को शूटरों के ठहरने की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी दी गई थी, जिसके बदले उसे 10 से 20 हजार रुपये दिए गए थे।

लालच और आर्थिक तंगी बनी गैंग से जुड़ने की वजह

पुलिस जांच में सामने आया कि गुलाब सिंह भारी आर्थिक नुकसान के बाद गैंग से जुड़ा था। वहीं प्रदीप टेलीग्राम के जरिए गैंग के संपर्क में आया और नशे की लत तथा पैसों के लालच में अपराध की दुनिया में उतर गया।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और हथियारों की सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से रोहित गोदारा गैंग के राजस्थान नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।