पुणे के चर्चित मंगेतर मर्डर केस में पुलिस जांच के दौरान कई नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या की कथित साजिश रची थी। पुलिस का दावा है कि हत्या का विचार 31 मई को लोहगढ़ किले की यात्रा के दौरान आया और 18 जून को कथित तौर पर उसे अंजाम दिया गया।

31 मई को आया हत्या का विचार

पुलिस जांच के मुताबिक, सगाई के बाद केतन अक्सर सिया को घूमने और ट्रैकिंग पर ले जाता था। 31 मई को दोनों लोहगढ़ किले गए थे। इसी दौरान एक ऊंची चोटी पर बैठे केतन को देखकर सिया के मन में कथित तौर पर उसे खाई में धक्का देकर रास्ते से हटाने का विचार आया।

पहली कोशिश नाकाम

जांच में सामने आया है कि 5 जून को सिया ने दोबारा लोहगढ़ किला जाने की इच्छा जताई थी, लेकिन पारिवारिक कारणों से यह योजना पूरी नहीं हो सकी। इसी दौरान विदेश यात्रा का कार्यक्रम भी बना, जिसमें दोनों को बाली जाना था।

दूसरी कोशिश में बच गया केतन

पुलिस के अनुसार, 14 जून को सिया ने फिर केतन को लोहगढ़ किले चलने के लिए राजी किया। वहां एक स्थान पर उसे पीछे से धक्का देने की कोशिश की गई। हालांकि पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। जब उसने घटना के बारे में पूछा तो सिया ने सांप दिखाई देने का बहाना बनाकर इसे हादसा बताया।

बताया जा रहा है कि घर लौटने के बाद केतन ने परिवार को बताया था कि सिया ने उसे खतरे से बचाया।

तीसरी बार कथित साजिश सफल

जांच एजेंसियों का दावा है कि 18 जून को सिया ने प्री-वेडिंग फोटोशूट का बहाना बनाकर केतन को फिर लोहगढ़ किले बुलाया। पुलिस के मुताबिक इस बार चेतन चौधरी भी वहां मौजूद था। आरोप है कि एक सुनसान स्थान पर दोनों ने मिलकर केतन को गहरी खाई की ओर धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

जांच में मिले तीन अहम सुराग

1. परिवार को हुआ शक

घटना के बाद जब सिया केतन के घर पहुंची तो उसकी बातचीत और हावभाव ने परिवार के मन में संदेह पैदा कर दिया। केतन की बहन ने पिता से कहा कि अनुभवी ट्रैकर होने के कारण केतन का इस तरह गिरना सामान्य हादसा नहीं हो सकता।

2. CCTV फुटेज ने बढ़ाया संदेह

पुलिस ने लोहगढ़ किले के आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच की। फुटेज में एक युवक कई बार केतन और सिया के आसपास दिखाई दिया। गर्मी के मौसम में भी हुडी पहनकर घूम रहे इस व्यक्ति की पहचान बाद में चेतन चौधरी के रूप में होने का दावा किया गया।

3. 2004 कॉल्स का रिकॉर्ड

कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच में पुलिस को पता चला कि सिया ने जनवरी से लेकर घटना वाले दिन तक एक मोबाइल नंबर पर 2004 बार कॉल की थी। इन कॉल्स में कुल 338 घंटे बातचीत हुई थी। जांच में यह नंबर चेतन चौधरी का बताया गया।

हत्या के पीछे क्या थी वजह?

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, सिया शादी को लेकर मानसिक रूप से तैयार नहीं थी। हालांकि परिवार के दबाव के चलते सगाई हो चुकी थी और नवंबर में शादी तय थी।

जांच में यह भी सामने आया है कि सिया और चेतन के बीच लंबे समय से संबंध थे। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या सामाजिक प्रतिष्ठा और परिवार की बदनामी के डर से सगाई तोड़ने के बजाय हत्या की साजिश रची गई।

नवंबर में होनी थी भव्य शादी

केतन अग्रवाल पुणे के एक प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कारोबारी परिवार से जुड़े थे। वह अपने परिवार के कारोबार में निदेशक और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे।

सिया गोयल भी एक कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। दोनों की शादी नवंबर 2026 में प्रस्तावित थी। इसके लिए राजस्थान में लगभग 17 करोड़ रुपए का एक पैलेस बुक किया गया था और मेहमानों के लिए दो चार्टर्ड विमान की व्यवस्था भी की गई थी।

पुलिस हिरासत में आरोपी

मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों को पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब डिजिटल सबूतों, कॉल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और घटनास्थल से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

नोट: मामले की जांच जारी है। पुलिस द्वारा प्रस्तुत तथ्यों और आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया में पुष्टि होना बाकी है। अदालत का अंतिम निर्णय आने तक सभी आरोप आरोप मात्र माने जाएंगे।