कोटा/रामगंजमंडी। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य पंडित धीरेंद्र शास्त्री (बागेश्वर धाम सरकार) 23 जनवरी से 25 जनवरी 2026 तक रामगंजमंडी (कोटा जिला, राजस्थान) में भव्य श्रीरामकथा एवं गौ माता महोत्सव के आयोजन में शामिल होने पहुंच चुके हैं। उनके आगमन को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल है, जहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
शुक्रवार शाम कोटा पहुंचने पर धीरेंद्र शास्त्री का जोरदार स्वागत हुआ। कोटा एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में भक्त गुलदस्ते लेकर पहुंचे थे। इस दौरान कई महिला भक्तें उनकी कार की ओर दौड़ पड़ीं, ताकि वे उन्हें दर्शन दे सकें या आशीर्वाद लें, लेकिन पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत उन्हें रोका। इसके बाद वे एक भक्त के घर इंदिरा विहार पहुंचे, जहां उनके स्वागत में सुंदर रंगोली सजाई गई थी। आस-पास के लोग बालकनियों पर खड़े होकर मोबाइल से उनकी तस्वीरें लेते रहे और सड़कें पूरी तरह खचाखच भर गईं।
इससे पहले दोपहर में रामगंजमंडी में भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जो कृषि उपज मंडी समिति से शुरू होकर खैराबाद मेला स्थल पर समाप्त हुई। यात्रा में इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं कि कलश कम पड़ गए। महिलाएं केसरिया साड़ियां पहनकर कलश लेकर चल रही थीं। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे, केसरिया पताकाएं और झंडे लगाए गए थे। करीब 4 किलोमीटर लंबी इस यात्रा को देखने के लिए लोग घरों की छतों और बालकनियों पर खड़े रहे।
शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर भी कलश यात्रा के स्वागत में पहुंचे। वे भक्तों के साथ डीजे पर बज रहे भक्ति संगीत और भजनों पर झूमने लगे, जिससे माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया।श्रीरामकथा का आयोजन रामगंजमंडी के मोड़क थाना क्षेत्र के गुंदी गांव (रीको औद्योगिक क्षेत्र, फतेहपुर) में 23 से 25 जनवरी तक चलेगा। इसमें पंडित धीरेंद्र शास्त्री जी श्रीरामकथा का वाचन करेंगे। साथ ही गौ माता महोत्सव और दिव्य दरबार भी लगेगा, जहां भक्तों को आशीर्वाद मिलेगा।
अयोध्या में रामलाल प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की वर्षगांठ पर शाम को खैराबाद मेला स्थल पर श्रीराम दीपोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें धीरेंद्र शास्त्री भी शामिल हुए और भक्तों को आशीर्वाद दिया।पूरे आयोजन में भारी भीड़ की उम्मीद है। आयोजकों ने 100 बीघा में कथा पंडाल और 400 बीघा में पार्किंग की व्यवस्था की है। रेलवे ने विशेष ट्रेनों और ठहराव की सुविधा दी है, जबकि पुलिस ने 1500 से अधिक कर्मियों को सुरक्षा में तैनात किया है। प्लास्टिक सामानों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।