दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप सुबह 9:04 बजे आया और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.4 मापी गई। भूकंप का केंद्र हरियाणा के झज्जर में जमीन से 5 किलोमीटर की गहराई पर था।
भूकंप के झटके दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, हिसार और सोनीपत सहित आसपास के कई इलाकों में महसूस किए गए। करीब 4 से 5 सेकंड तक चले इन झटकों ने लोगों को डरा दिया, जिसके चलते कई लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर लोगों ने अपने अनुभव साझा किए, जिसमें कुछ ने बताया कि झटकों के साथ हल्की गड़गड़ाहट की आवाज भी सुनी गई।
दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि अभी तक भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने सभी दिल्लीवासियों की सुरक्षा की कामना करते हुए आपात स्थिति में 112 पर कॉल करने की सलाह दी। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सभी के सुरक्षित होने की कामना की।
भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर सीस्मिक जोन 4 में आता है, जो मध्यम से तीव्र भूकंप के जोखिम वाला क्षेत्र है। इसका कारण क्षेत्र की नजदीकी हिमालयी टेक्टोनिक प्लेट्स और स्थानीय फॉल्ट लाइनों जैसे सोहना फॉल्ट और दिल्ली-मुजफ्फरनगर फॉल्ट की मौजूदगी है। विशेषज्ञों ने बताया कि कम गहराई पर केंद्र होने के कारण झटके अधिक तीव्र महसूस हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से शांत रहने और सुरक्षा सावधानियां बरतने की अपील की है। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, "दिल्ली और आसपास के इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। सभी से शांत रहने और संभावित आफ्टरशॉक्स के लिए सतर्क रहने का आग्रह है।"
लोगों से अपील की जा रही है कि वे अफवाहों से बचें और भूकंप के दौरान सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, जैसे कि मजबूत फर्नीचर के नीचे छिपना या खुले मैदान में जाना। प्रशासन और भूकंप विज्ञान केंद्र स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार हैं।
फिलहाल, स्थिति सामान्य है, लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि छोटे-मोटे भूकंप भविष्य में बड़े भूकंप के संकेत हो सकते हैं। लोगों को सतर्क रहने और आपातकालीन तैयारियों को मजबूत करने की सलाह दी जा रही है।