जयपुर पुलिस ने भर्ती परीक्षा में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी राकेश कुमार रेवाड़ को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले एक साल से फरार था और उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

नकल का तरीका

राकेश रेवाड़, जो चूरू जिले का रहने वाला है, क्लर्क ग्रेड-II भर्ती परीक्षा-2022 में ब्लूटूथ-सक्षम माइक्रो डिवाइस का उपयोग करते हुए पकड़ा गया था। जांच में सामने आया कि मुख्य सरगना ईश्वर कैलाश उम्मीदवारों को मोटी रकम लेकर ब्लूटूथ डिवाइस उपलब्ध कराता था और परीक्षा के दौरान मोबाइल के जरिए उत्तर भेजता था। इसके सहयोगी रामलाल कैलाश भी इस रैकेट में शामिल थे।

पटवारी भर्ती में भी शामिल

राकेश रेवाड़ पटवारी भर्ती परीक्षा-2023 में भी नकल के आरोप में शामिल था। धांधली के पुष्टि होने पर राज्य सरकार ने दोनों परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। इससे पहले रेवाड़ की पत्नी चंद्रकला रेवाड़ को भी वीडीओ/आरओ भर्ती परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ नकल के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

जांच और कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने रैकेट में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी है। आरोपी पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं 420, 467, 468, 471, 120B और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2022 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

निष्कर्ष

इस गिरफ्तारी से भर्ती परीक्षा में नकल रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस पूरे रैकेट को तह तक जांच रही है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।