अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से आने वाले दान को लेकर ट्रस्ट के दस्तावेजों से कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं। इन आंकड़ों में मंदिर को मिलने वाले चढ़ावे, बैंक जमा राशि और उससे मिलने वाले ब्याज की जानकारी दी गई है। वहीं, मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) ने भी अपनी कार्रवाई तेज की है।
ट्रस्ट के दस्तावेजों में क्या जानकारी सामने आई?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार मंदिर को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं से दान प्राप्त होता है।
दस्तावेजों में दान और बैंक जमा राशि से मिलने वाले ब्याज का अलग-अलग विवरण दर्ज है।
एक अवधि के वित्तीय रिकॉर्ड में यह सामने आया कि बैंक में जमा धनराशि से मिलने वाला ब्याज भी काफी अधिक रहा।
हर श्रद्धालु के 5 रुपए दान का आंकड़ा कैसे आया?
दस्तावेजों के आधार पर दान की कुल राशि और अनुमानित श्रद्धालुओं की संख्या के हिसाब से औसत निकाला गया है।
इसी गणना के आधार पर दावा किया गया कि औसतन एक श्रद्धालु का योगदान करीब 5 रुपए बैठता है।
यह किसी एक व्यक्ति के वास्तविक दान की पुष्टि नहीं करता, बल्कि कुल आंकड़ों पर आधारित औसत गणना है।
11 महीने में ब्याज से ज्यादा आय की चर्चा
ट्रस्ट के रिकॉर्ड में बैंक खातों में रखी राशि पर मिलने वाले ब्याज की जानकारी भी शामिल है।
कुछ रिपोर्टों में बताया गया कि एक अवधि में ब्याज से मिली राशि दान की तुलना में अधिक रही।
इसका कारण बड़ी राशि का बैंक में सुरक्षित जमा होना बताया गया है।
चढ़ावा चोरी मामले में SIT की जांच
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी या गड़बड़ी की जांच के लिए SIT ने जांच शुरू की है।
SIT ने 16 जून को लगातार दूसरे दिन संबंधित स्थानों पर जाकर जानकारी जुटाई।
जांच टीम मंदिर परिसर से जुड़े कर्मचारियों, सुरक्षा व्यवस्था और दान प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
मंदिर ट्रस्ट का रुख
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मंदिर निर्माण, व्यवस्था और दान प्रबंधन से जुड़े कामों को संभालता है।
ट्रस्ट की ओर से समय-समय पर दान राशि और खर्च का विवरण सार्वजनिक किया जाता रहा है।
दान से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए रिकॉर्ड और ऑडिट व्यवस्था लागू है।राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दान को लेकर सामने आए आंकड़े औसत गणना और वित्तीय रिकॉर्ड पर आधारित हैं। वहीं चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ी की जांच SIT कर रही है, जिसकी रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।