अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा और दान सामग्री को लेकर चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब मुंबई के विश्व सिंधी सेवा संगम ने दावा किया है कि मंदिर निर्माण के दौरान दान की गई 200 किलो चांदी की शिलाओं की रसीद आज तक उन्हें नहीं मिली। साथ ही यह भी नहीं बताया गया कि दान की गई चांदी का उपयोग आखिर कहां किया गया।
इसी बीच एक महिला ने भी चांदी की काकभुशुंडि मूर्ति दान करने के बाद उसकी रसीद न मिलने का आरोप लगाया है। दोनों मामलों में दान सामग्री मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को सौंपे जाने का दावा किया गया है।
15 देशों के सिंधी समाज ने दान की थी 200 किलो चांदी
विश्व सिंधी सेवा संगम के चेयरमैन डॉ. राजू मनवानी के अनुसार मंदिर निर्माण के समय दुनिया भर में बसे सिंधी समाज के करीब 200 लोगों ने एक-एक किलो चांदी की शिला दान करने का निर्णय लिया था। 26 जनवरी 2021 को अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम में इन शिलाओं का पूजन कर उन्हें मंदिर ट्रस्ट को सौंपा गया।
डॉ. मनवानी का दावा है कि उस समय इन शिलाओं की कीमत करीब 1.40 करोड़ रुपए थी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की ओर से शिलाओं की शुद्धता जांचने के बाद रसीद भेजने और उपयोग की जानकारी देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन पांच साल बाद भी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली।
चांदी की मूर्ति को लेकर भी सवाल
अनीता भारद्वाज नामक महिला ने आरोप लगाया है कि उन्होंने काकभुशुंडि की चांदी की मूर्ति राम मंदिर के लिए भेंट की थी। उनका कहना है कि मूर्ति सौंपने के समय रसीद बाद में उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया, लेकिन कई बार संपर्क करने के बावजूद उन्हें कोई रसीद या जानकारी नहीं मिली।
SIT जांच में जुटी टीम
राम मंदिर चढ़ावा और दान सामग्री से जुड़े मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है। जांच के दौरान ट्रस्ट पदाधिकारियों, बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की गई है। जांच टीम ने बैंक रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की है।
23 जून को SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी। हालांकि रिपोर्ट की आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
संदिग्धों से भी हुई पूछताछ
जांच के दौरान कई कर्मचारियों और संदिग्धों से पूछताछ की गई है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों से मंदिर परिसर में ही पूछताछ जारी है। मामले में वित्तीय लेन-देन, चढ़ावे की गणना और दान सामग्री के रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
क्लीन चिट की चर्चाओं के बीच बढ़े सवाल
इस बीच श्रीराम मंदिर परिसर में आयोजित शेषावतार मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम में ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारी सक्रिय दिखाई दिए। इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई कि SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ प्रमुख पदाधिकारियों को राहत मिल सकती है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल मामला जांच के अधीन है और सभी आरोप दावों के रूप में सामने आए हैं। जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट और आधिकारिक निष्कर्ष आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।