अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी और चोरी के आरोपों की जांच लगातार तेज होती जा रही है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) लगातार दूसरे दिन श्रीराम जन्मभूमि परिसर पहुंची और दान प्रबंधन, कर्मचारियों की भूमिका, सुरक्षा व्यवस्था तथा वित्तीय रिकॉर्ड की जांच आगे बढ़ाई। इस बीच मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग भी तेज हो गई है, हालांकि खबर लिखे जाने तक पुलिस ने किसी शिकायत पर औपचारिक मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
SIT ने दूसरे दिन भी की जांच
मंगलवार सुबह SIT टीम अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और अन्य अधिकारियों के साथ राम मंदिर परिसर पहुंची। टीम ने दान पेटियों की व्यवस्था, नोटों की गिनती की प्रक्रिया, CCTV व्यवस्था और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की।
पहले दिन जांच टीम ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, आमंत्रित सदस्य गोपाल राव और दान प्रबंधन से जुड़े कई कर्मचारियों से पूछताछ कर चुकी है।
हिडन कैमरों से कथित गड़बड़ी का खुलासा
जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट को तब शक हुआ जब बैंक में जमा हो रही दान राशि और दान पेटियों से निकलने वाली अनुमानित राशि में अंतर दिखाई देने लगा। इसके बाद नोट गिनने वाले कमरे में हिडन कैमरे लगाए गए।
बताया जा रहा है कि फुटेज में कुछ कर्मचारी नोटों की गड्डियां बनाते समय कथित रूप से रकम छिपाते दिखाई दिए। जांच एजेंसियां इन फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
नोटों की गड्डियों में कथित हेराफेरी का तरीका
जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि नोटों की गड्डियों में अतिरिक्त नोट लगाकर वाउचर तैयार किए जाते थे। बाद में बैंक ले जाते समय कथित रूप से अतिरिक्त नोट निकाल लिए जाते थे, जिससे रिकॉर्ड और जमा राशि का मिलान प्रभावित न हो। जांच एजेंसियां इस कथित तरीके की सत्यता की जांच कर रही हैं।
जेवरात की भी जांच के दायरे में
सूत्रों के अनुसार, जांच में दान पेटियों में आए जेवरात के रिकॉर्ड और वास्तविक जमा का भी मिलान किया जा रहा है। फिलहाल इस संबंध में किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
अब तक 2 करोड़ रुपये की बरामदगी
जांच एजेंसियों के अनुसार, अब तक पांच लोगों के नाम जांच में सामने आए हैं। उनकी निशानदेही पर करीब 2 करोड़ रुपये बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है। कुछ आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके बैंक खातों, संपत्तियों तथा वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
SIT ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कर्मचारियों की प्रवेश के समय जांच होती थी, लेकिन बाहर निकलते समय तलाशी की व्यवस्था पर्याप्त सख्त नहीं थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इसी व्यवस्था का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया।
एफआईआर की मांग तेज
धर्मसेना के संस्थापक संतोष दुबे ने रामजन्मभूमि थाने में शिकायत देकर मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं यूपी युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने भी मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है।
राजनीतिक बयानबाजी जारी
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। दूसरी ओर भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार ने SIT गठित कर निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मामला कैसे शुरू हुआ
विवाद तब सामने आया जब पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपये की कथित गड़बड़ी का दावा किया। इसके बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर मामला चर्चा में आया। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा भी ट्रस्ट से रिपोर्ट मांगे जाने की जानकारी सामने आई थी।