जयपुर में ठगी और फर्जीवाड़े का एक नया मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने खुद को साइबर क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर दो ई-मित्र संचालकों को डराने और उनसे रिश्वत वसूलने की कोशिश की।

यह मामला कालवाड़ थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़ित ई-मित्र संचालकों ने पुलिस में FIR दर्ज करवाई है।

कैसे शुरू हुआ मामला

दौसा के बसवा निवासी राहुल योगी (22) कालवाड़ में ई-मित्र कियोस्क चलाता है। उसके पास ही उसका परिचित राकेश भी ई-मित्र संचालित करता है। आरोप है कि 22 मई से प्रवीण नाम का एक व्यक्ति लगातार उनके संपर्क में था और खुद को साइबर क्राइम ब्रांच, जयपुर का अधिकारी बताता था।

आरोपी ने अपनी बात को विश्वसनीय बनाने के लिए साइबर क्राइम ब्रांच की एक फर्जी पुलिस आईडी भी दिखाई।

साइबर लिस्ट का डर दिखाकर वसूली की कोशिश

बुधवार शाम करीब 5:30 बजे आरोपी प्रवीण दोनों ई-मित्र केंद्रों पर पहुंचा। उसने दोनों संचालकों को बुलाकर एक “साइबर क्राइम लिस्ट” दिखाई और दावा किया कि उसमें उनके नाम शामिल हैं।

इसके बाद उसने धमकी दी कि अगर नाम हटवाना है तो पैसे देने होंगे। आरोपी ने राहुल से 18 हजार रुपये और राकेश से 60 हजार रुपये की मांग की।

साथ ही धमकाया कि पैसे नहीं देने पर दोनों को जेल भेज दिया जाएगा।

फर्जी अधिकारी निकला आरोपी

पीड़ितों को बाद में शक हुआ और जब उन्होंने जांच की तो सामने आया कि आरोपी खुद को फर्जी साइबर अधिकारी बताकर ठगी की कोशिश कर रहा था। इसके बाद दोनों ने मिलकर कालवाड़ थाने में शिकायत दर्ज करवाई।

पुलिस जांच जारी

ASI फुलाराम ने बताया कि राहुल योगी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी प्रवीण की पहचान और उसके नेटवर्क की जांच कर रही है।