राजस्थान के अलवर और खैरथल-तिजारा जिलों के 90 गांवों में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत घर-घर नल से पीने का पानी पहुंचाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। जलदाय विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं और इसके लिए 140 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है और जल्द ही धरातल पर काम शुरू होने की उम्मीद है।
इस परियोजना के तहत अलवर जिले के 77 गांवों में 28,717 नल और भिवाड़ी के 13 गांवों में 4,703 नल लगाए जाएंगे। जलदाय विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ठेकेदारों को इस साल के अंत तक नल लगाने का काम पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके बाद इन गांवों के घरों में नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू होगी।
गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
जलदाय विभाग इस बार काम की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रहा है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पहले जेजेएम के तहत किए गए कार्यों में कई खामियां सामने आई थीं। कई जगहों पर घटिया निर्माण के कारण पाइपलाइनों के जरिए पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। कुछ स्थानों पर काम अधूरा पड़ा है, जबकि पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत भी नहीं हुई। बारिश के मौसम में ये सड़कें दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं।
पिछले जेजेएम घोटाले पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई के बाद अब विभाग ने गुणवत्ता को प्राथमिकता दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार परियोजना की हर स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि ग्रामीणों को निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
इस परियोजना के पूरा होने से अलवर और खैरथल-तिजारा के हजारों ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिलेगी। यह योजना न केवल ग्रामीण जीवन स्तर को बेहतर बनाएगी, बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव लाएगी।