जोधपुर में चल रही भोगीशैल परिक्रमा का आज तीसरा दिन है, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। आज का पड़ाव बड़ली में रखा गया है, जहां बड़ी संख्या में भक्त रुककर परिक्रमा जारी रख रहे हैं।

इस धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा के लिए कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं सक्रिय हैं, जो सेवा भाव के साथ भोजन, नाश्ता और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं।

40 साल से चल रही निःशुल्क भोजन सेवा

इन संस्थाओं में प्रमुख भूमिका निभा रही है श्री सेवा समिति, जो पिछले 40 वर्षों से लगातार निःशुल्क भोजन सेवा दे रही है। समिति हर साल भोगीशैल परिक्रमा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था करती है।

इस वर्ष भी समिति की ओर से प्रतिदिन करीब 10 से 12 हजार श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार किया जा रहा है और उन्हें प्रसाद स्वरूप परोसा जा रहा है।

शुद्ध और सात्विक भोजन की व्यवस्था

श्री मित्र सेवा समिति की महिला मंडल से जुड़ी संतोष ने बताया कि भोजन पूरी तरह शुद्ध और सात्विक तरीके से तैयार किया जाता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा को वे उसी भाव से करती हैं जैसे घर आए मेहमानों की सेवा की जाती है।

भोजन में शुद्ध देसी घी का उपयोग किया जाता है और सुबह चाय, नाश्ता, दोपहर व शाम का भोजन सभी श्रद्धालुओं को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।

श्रद्धा और सेवा का संगम

समिति के सदस्य अभिषेक माछर ने बताया कि यह सेवा केवल भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं की पूरी देखभाल सेवा भाव से की जाती है। उनका कहना है कि यह परंपरा पिछले चार दशकों से लगातार जारी है।

प्रशासन और समाज की भागीदारी

भोगीशैल परिक्रमा हर तीन साल बाद अधिकमास के अवसर पर आयोजित की जाती है। इस दौरान शहर की 35 से अधिक सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं व्यवस्थाओं में जुटी रहती हैं। नगर निगम और जिला प्रशासन भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।