जोधपुर, 18 मार्च 2026: जोधपुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार को एक ऐसा हादसा होने वाला था जो किसी बड़े दुर्घटना में बदल सकता था, लेकिन रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की एक महिला कॉन्स्टेबल की तत्परता और साहस ने इसे टाल दिया। घटना का वीडियो मंगलवार देर शाम वायरल होने के बाद लोगों में सराहना की लहर दौड़ गई है।

घटना का विवरण

साबरमती-जम्मूतवी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 19223) जोधपुर स्टेशन से रवाना हो रही थी। इंदौर निवासी 30 वर्षीय महिला यात्री शहनाज बानो अपने पिता के साथ सामान्य टिकट पर मेड़ता रोड की यात्रा कर रही थीं। ट्रेन के चलते ही उन्होंने गाड़ी में चढ़ने की कोशिश की। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे प्लेटफॉर्म व चलती ट्रेन के बीच के खतरनाक गैप में गिर गईं। स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी – बस कुछ सेकंड में ट्रेन के पहियों के नीचे आने का खतरा मंडरा रहा था।

प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ की महिला कॉन्स्टेबल नवीन ने घटना होते ही बिना एक पल गंवाए कार्रवाई की। उन्होंने फुर्ती से दौड़ लगाई, महिला को कमर से मजबूती से पकड़ा और पूरी ताकत से सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर खींच लिया। इस साहसिक बचाव कार्य से न केवल शहनाज बानो की जान बची, बल्कि एक बड़ा हादसा भी टल गया।

कोई चोट नहीं आई

वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (आरपीएफ) नीतीश शर्मा ने बताया कि घटना के तुरंत बाद जांच में पता चला कि महिला यात्री शहनाज बानो को किसी प्रकार की चोट नहीं आई है। गनीमत रही कि सब कुछ सुरक्षित रहा। बाद में उन्हें दूसरी ट्रेन में बैठाकर उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।

आरपीएफ अधिकारी की सराहना और पुरस्कार की घोषणा

डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने कॉन्स्टेबल नवीन के उत्कृष्ट कार्य की जमकर सराहना की। उन्होंने उनकी सतर्कता, बहादुरी और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को देखते हुए नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। डीआरएम ने कहा कि ऐसे कर्मचारी रेलवे की असली ताकत हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हैं।

यात्रियों के लिए सुरक्षा अपील

घटना के बाद डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने सभी यात्रियों से विशेष अपील की। उन्होंने कहा,“कृपया कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश न करें। थोड़ी सी जल्दबाजी जानलेवा साबित हो सकती है। यात्रा के दौरान रेलवे के सभी सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें। अपनी और दूसरों की सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है।”