रिपोर्ट जसवंत सिंह शिवकर - जयपुर, 20 अप्रैल 2025: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेम्स डेविड (जेडी) वेंस 21 अप्रैल से जयपुर के चार दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे अपनी पत्नी ऊषा चिलुकुरी के साथ शहर की ऐतिहासिक धरोहरों आमेर महल, जंतर मंतर और सिटी पैलेस का दौरा करेंगे। लेकिन इस यात्रा का सबसे खास पल होगा 22 अप्रैल को आमेर महल के सूरजपोल स्थित जलेब चौक में उनका शाही स्वागत, जहां 350 साल पुराने 62 लाख रुपये कीमत के चांदी के गहनों से सजी दो मादा हथिनियां—पुष्पा और चंदा—उनका अभिवादन करेंगी। 

पुष्पा और चंदा: शाही स्वागत की जिम्मेदार जोड़ी

हाथी गांव विकास समिति के अध्यक्ष बल्लू खान बताते हैं कि जयपुर के हाथी गांव में 64 मादा और एक नर हाथी हैं। इनमें से 28 साल की चंदा और 19 साल की पुष्पा को खास तौर पर शाही स्वागत के लिए प्रशिक्षित किया गया है। पुष्पा अपनी सूंड उठाकर मेहमानों को आशीर्वाद देने में माहिर है, जबकि चंदा फूलों की माला पहनाने की कला में निपुण है। दोनों का स्वभाव बेहद शांत और पर्यटकों के प्रति दोस्ताना है, जिसके चलते अमेरिकी उपराष्ट्रपति की सुरक्षा और प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए इन्हें चुना गया।

रोचक बात यह है कि आमतौर पर एशियाई हाथियों के चेहरे, माथे और कानों पर 10-12 साल की उम्र में सफेद-पीले चकत्ते उभरने लगते हैं, जो उम्र के साथ चीते जैसे धब्बों में बदल जाते हैं। लेकिन 19 साल की पुष्पा का रंग अब भी सुर्ख काला है, जो उसे और आकर्षक बनाता है।

350 साल पुराने गहनों से सजेगी जोड़ी

22 अप्रैल की सुबह 6 बजे बल्लू खान पुष्पा और चंदा को लेकर आमेर महल के जलेब चौक पहुंचेंगे। यहां दोनों हथिनियों को रियासतकालीन चांदी के गहनों से सजाया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:

पाजेब: पैरों की शोभा बढ़ाने वाली चांदी की पायल।

शाही हौदा: 22 किलो वजनी चांदी का हौदा, जो पीठ पर सजाया जाएगा।

सिरी: माथे पर 2 किलो वजनी चांदी की ज्वेलरी।

दुमची: पूंछ पर 1.3 किलो वजनी चांदी का आभूषण।

इन गहनों की कुल कीमत 62 लाख रुपये आंकी गई है। ये आभूषण रियासतकाल में शाही मेहमानों के स्वागत के लिए विशेष रूप से बनाए गए थे। इसके अलावा छोटे-मोटे अन्य गहने भी दोनों हथिनियों को पहनाए जाएंगे।

स्वागत का भव्य आयोजन

सुबह करीब 8 बजे उपराष्ट्रपति वेंस और उनकी पत्नी ऊषा आमेर महल पहुंचेंगे। जलेब चौक में चंदा उन्हें फूलों की माला पहनाएगी, जबकि पुष्पा अपनी सूंड उठाकर आशीर्वाद देगी। इस शाही स्वागत के बाद मेहमान महल में प्रवेश करेंगे। यह तय होना अभी बाकी है कि वेंस दंपति हथिनियों की सवारी करेंगे या नहीं, इसका फैसला मौके पर लिया जाएगा।

ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व

आमेर महल, जो 433 साल पुराना है, राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उपराष्ट्रपति का यह दौरा न केवल भारत-अमेरिका के कूटनीतिक रिश्तों को मजबूत करेगा, बल्कि जयपुर की शाही परंपराओं को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर भी प्रदान करेगा। पुष्पा और चंदा की जोड़ी इस आयोजन को और भी यादगार बनाएगी।

जयपुर की यह शाही मेहमाननवाजी निश्चित रूप से अमेरिकी उपराष्ट्रपति और उनकी पत्नी के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होगी, जो राजस्थान की आतिथ्य परंपरा को जीवंत करेगी।

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