कोटा (राजस्थान), 19 जनवरी 2026: राजस्थान के कोटा शहर में गोवंश के प्रति क्रूरता के मामले एक बार फिर सुर्खियों में हैं। कुन्हाड़ी इलाके में रविवार रात करीब 8 बजे गाय के बछड़े का कटा हुआ सिर मिलने की घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैला दिया है। यह पिछले 10 दिनों में ऐसी तीसरी घटना है, जिसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया। धरना रात 9 बजे से जारी है और कार्यकर्ता सुबह से हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं।

घटना का विवरण

बजरंग दल बजरंग नगर महानगर सह संयोजक नरेश मीणा ने बताया कि रविवार रात कुन्हाड़ी इलाके में बछड़े का कटा सिर मिलने की सूचना 112 पर दी गई, लेकिन शुरुआत में कोई कार्रवाई नहीं हुई। कार्यकर्ताओं ने दो किलोमीटर पैदल चलकर बछड़े के शव को थाने तक लाया और पुलिस से दोषियों की तलाश की मांग की। उन्होंने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर आरोपी का पता लगाने का आग्रह किया, लेकिन पुलिस की ओर से कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई।

इसके विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ता थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की बाइक जब्त कर ली और पांच कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। रात करीब तीन बजे जबरन धरना स्थल से हटाया गया। हालांकि, सुबह बड़ी संख्या में कार्यकर्ता फिर पहुंचे और धरना जारी रखा। पिछले 12 घंटे से अधिक समय से यह धरना चल रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, धरना जारी रहेगा।

बजरंग दल नेताओं के बयान

बजरंग दल के प्रांत संयोजक योगेश रेनवाल ने कहा, "कोटा में लगातार गो हत्या के षड्यंत्र सामने आ रहे हैं। कोई जानबूझकर दंगे भड़काना चाहता है। जिले का प्रशासन राजस्थान के मंत्री की बातों को गंभीरता से नहीं ले रहा है।" उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा मंत्री दिलीप सिंह गोवंश बचाने के लिए रामगंज मंडी में बागेश्वर धाम के संत पंडित धीरेंद्र शास्त्री को बुलाकर बड़ा आयोजन कर रहे हैं, लेकिन कोटा में ऐसी घटनाएं रुक नहीं रही हैं। "कोटा में भी धीरेंद्र शास्त्री की कथा की जरूरत है, ताकि लोग जागरूक हों और गोवंश की रक्षा हो सके।"

पिछले 10 दिनों में तीसरी घटना

यह घटना कोटा में गोवंश से जुड़ी क्रूरता की लगातार तीसरी घटना है। इससे पहले भी इसी तरह के मामले सामने आए थे, जिससे शहर में तनाव का माहौल बना हुआ है। बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठन इन घटनाओं को सुनियोजित षड्यंत्र बता रहे हैं और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।