कोटा।
कोटा जिले के नाता क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। पराली (फसल अवशेष) से लदी एक ट्रैक्टर ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर नहर किनारे के गहरे नाले में जा गिरी। इस दुर्घटना में ट्रॉली के नीचे दबने से ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान 30 वर्षीय रामचंद्र गुर्जर, निवासी गांव आमली के रूप में हुई है। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और नगर निगम की टीम ने दलदल भरी पराली में फंसे शव को निकालने के लिए करीब 45 मिनट तक कड़ी मशक्कत की।
हादसे का विवरण: कैसे हुई दुर्घटना? घटना मंगलवार रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। रामचंद्र गुर्जर पराली से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर नाता क्षेत्र की बांयी मुख्य नहर के किनारे से गुजर रहे थे। अचानक ट्रॉली का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क से फिसलकर पास के नाले में पलट गई। नाला दलदली और गहरा होने के कारण ट्रॉली पूरी तरह पराली में धंस गई। ड्राइवर रामचंद्र सीट पर ही फंस गए और पराली के भारी बोझ तले दबकर उनकी सांसें थम गईं।स्थानीय लोगों ने हादसे को देखा और तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही नाता थाना पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन दलदल और पराली की मोटी परत के कारण शव निकालना आसान नहीं था। पुलिस ने नगर निगम की मदद मांगी, जिसके बाद गोताखोरों की टीम को बुलाया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन: 45 मिनट की जद्दोजहद नगर निगम के गोताखोरों ने रात के अंधेरे में टॉर्च की रोशनी में ऑपरेशन शुरू किया। नाले में पानी और कीचड़ होने से स्थिति और जटिल हो गई थी। गोताखोरों को पराली की परत को हटाने के लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल करना पड़ा। करीब 45 मिनट की कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार शव को बाहर निकाला जा सका। इस दौरान पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग भी मदद में जुटे रहे।रेस्क्यू टीम के एक सदस्य ने बताया, "पराली बहुत भारी और गीली थी, जो दलदल में फंसकर और मुश्किल पैदा कर रही थी। हमने रस्सियों और क्रेन की मदद से ट्रॉली को थोड़ा हटाया, तभी शव तक पहुंच सके।"
मृतक की पहचान और परिवार की स्थिति; मृतक रामचंद्र गुर्जर की उम्र 30 वर्ष थी और वह गांव आमली के रहने वाले थे। वह खेतीबाड़ी का काम करते थे और पराली को खेत से शहर या कहीं और ले जा रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए। परिवार में पत्नी, छोटे बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण दबकर सांस रुकना बताया गया है।
पुलिस जांच और संभावित कारण; नाता थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे की वजह ट्रॉली का ओवरलोड होना और सड़क की खराब स्थिति हो सकती है। नहर किनारे की सड़क संकरी और कीचड़युक्त होने से वाहन फिसलने का खतरा रहता है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और ट्रॉली मालिक से पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज या गवाहों के बयानों से और जानकारी जुटाई जा रही है।