महिलाओं में पीरियड्स के दौरान पेट में ऐंठन, थकान, मूड में बदलाव या तारीख का एक-दो दिन आगे-पीछे होना एक आम बात है। अक्सर महिलाएं इन परेशानियों को सिर्फ 'हार्मोनल बदलाव' मानकर नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन क्या हर परेशानी को सामान्य मान लेना सही है? बिल्कुल नहीं।
अगर आपको पीरियड्स के दौरान लगातार कुछ असामान्य लक्षण दिख रहे हैं, तो इसके पीछे किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की वजह भी हो सकती है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि किन लक्षणों को आपको बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और कब डॉक्टर (Gynecologist) से मिलना जरूरी है।
1. जरूरत से ज्यादा ब्लीडिंग होना (Heavy Bleeding)
अगर आपको पीरियड्स के दौरान सामान्य से काफी ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है, बार-बार पैड बदलना पड़ रहा है या ब्लीडिंग कई दिनों तक लगातार जारी रहती है, तो इसे हल्के में न लें। इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे:
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गर्भाशय (Uterus) से जुड़ी समस्याएं।
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फाइब्रॉएड (Fibroids) या पॉलीप (Polyps) जैसी स्थिति। लगातार ज्यादा खून बहने से शरीर में आयरन की कमी हो सकती है और आप एनीमिया (खून की कमी) का शिकार हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
2. असहनीय दर्द जो रोजमर्रा के काम रोक दे (Severe Pain)
हल्का या मध्यम दर्द कई महिलाओं के लिए सामान्य होता है। लेकिन ऐसा दर्द जो आपकी पढ़ाई, नौकरी या रोजमर्रा के कामों को रोक दे, उसे 'सामान्य' मानकर सहना उचित नहीं है। अगर दर्द समय के साथ बढ़ रहा है और सामान्य पेनकिलर से भी राहत नहीं मिल रही है, तो यह एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis) या एडेनोमायोसिस (Adenomyosis) जैसी गंभीर स्त्रीरोग संबंधी समस्याओं का संकेत हो सकता है।
3. पीरियड्स का बार-बार अनियमित होना (Irregular Periods)
कभी-कभार पीरियड का जल्दी या देर से आना चिंता की बात नहीं है। लेकिन अगर:
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लंबे समय तक पीरियड्स अनियमित रहें।
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कई महीनों तक पीरियड ही न आएं।
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मासिक चक्र (Menstrual cycle) में अचानक बहुत बड़ा बदलाव आ जाए।
तो यह जांच का विषय है। इसके पीछे PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम), थायरॉयड (Thyroid) की समस्या, वजन का तेजी से बढ़ना/घटना या अन्य स्वास्थ्य कारण हो सकते हैं। (अगर गर्भावस्था की संभावना है, तो सबसे पहले प्रेगनेंसी टेस्ट जरूर करें)।
4. कमजोरी, चक्कर आना और सांस फूलना
अगर हैवी ब्लीडिंग के साथ आपको लगातार कमजोरी महसूस हो रही है, थोड़ा काम करने पर ही थकान हो जाती है, सांस फूलने लगती है या चक्कर आते हैं, तो यह सीधे तौर पर शरीर में आयरन की कमी (Anemia) का संकेत है। ऐसे लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर से मिलकर जरूरी ब्लड टेस्ट (जैसे हीमोग्लोबिन) करवाना बहुत महत्वपूर्ण है।
पीरियड्स से जुड़ी परेशानियों का कारण हमेशा सिर्फ हार्मोन्स नहीं होते। ज्यादा दर्द, अत्यधिक ब्लीडिंग या अनियमितता को कभी भी अपनी आदत न बनाएं। अपने शरीर के लक्षणों की अवधि और गंभीरता पर ध्यान दें और किसी भी शंका की स्थिति में बिना संकोच अपनी स्त्रीरोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से सलाह लें। सही समय पर जांच बड़ी बीमारियों से बचा सकती है