जैसे-जैसे नया महीना करीब आ रहा है, आम आदमी की जिंदगी और पर्सनल फाइनेंस से जुड़े कई अहम बदलाव होने जा रहे हैं। 1 अक्टूबर 2026 से केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी की गई कई नई गाइडलाइंस प्रभावी हो जाएंगी। इन बदलावों में रसोई गैस से लेकर बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), पेंशन और जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र तक के नियम शामिल हैं।
आइए आपको विस्तार से बताते हैं कि 1 अक्टूबर से देश में कौन से 8 बड़े नियम बदलने वाले हैं:
1. LPG सिलेंडर पर सब्सिडी के लिए e-KYC अनिवार्य
अगर आप घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर का उपयोग करते हैं और सरकारी सब्सिडी का लाभ उठाते हैं, तो 1 अक्टूबर से पहले अपनी बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (e-KYC) जरूर पूरी कर लें। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, बिना आधार ऑथेंटिकेशन के अब गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी रोक दी जाएगी और आपको बाजार भाव पर गैस खरीदनी होगी।
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क्या है स्थिति: अब तक करीब 90% (27.43 करोड़) उपभोक्ता यह प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। बता दें कि 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर पर फिलहाल करीब ₹210 की सब्सिडी मिलती है।
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कैसे करें: इंडेन ग्राहक 'Indian Oil ONE', भारत गैस के उपभोक्ता 'Hello BPCL' और एचपी गैस के ग्राहक 'HP PAY' ऐप के जरिए घर बैठे फेस या फिंगरप्रिंट स्कैन से इसे पूरा कर सकते हैं।
2. बैंक FD पर अब भेदभाव नहीं, सभी ब्रांच में मिलेगा एक समान ब्याज
बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराने वालों के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एक बेहतरीन फैसला लिया है। 1 अक्टूबर से देश के सभी बैंकों को अपनी हर शाखा में समान एफडी रेट ऑफर करना होगा। पहले बैंक वीआईपी ग्राहकों या अलग-अलग ब्रांच के आधार पर एक ही रकम और अवधि पर अलग ब्याज देते थे। नए नियम के बाद, आप देश के किसी भी कोने से एफडी कराएं, समान राशि पर ब्याज दर एक ही रहेगी।
3. सुपर-सीनियर सिटीजन्स (80+) के लिए जीवन प्रमाण पत्र
पेंशनभोगियों के लिए राहत की खबर है। 80 साल या उससे अधिक उम्र के सुपर-सीनियर पेंशनभोगी अब 1 अक्टूबर 2026 से ही अपना डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा कर सकते हैं, जबकि आम पेंशनरों के लिए यह प्रक्रिया नवंबर से शुरू होगी।
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कैसे करें जमा: बुजुर्ग बिना बैंक जाए 'Face RD' ऐप या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए आसानी से अपना सर्टिफिकेट सबमिट कर सकते हैं, ताकि पेंशन निर्बाध रूप से आती रहे।
4. जन्म-मृत्यु पंजीकरण में देरी पड़ी तो कोर्ट से लेनी होगी मंजूरी
1 अक्टूबर से 'रजिस्ट्रेशन ऑफ बर्थ एंड डेथ (अमेंडमेंट) एक्ट, 2026' लागू होने जा रहा है। अब जन्म या मृत्यु के रजिस्ट्रेशन में लापरवाही आपको भारी पड़ सकती है:
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1 से 2 साल की देरी: अथॉरिटी द्वारा सख्त और विस्तृत जांच के बाद ही सर्टिफिकेट जारी होगा।
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2 साल से ज्यादा की देरी: मामला सीधे कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में चला जाएगा। इसके बाद फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (JMFC) के लिखित आदेश के बिना प्रशासन आपको सर्टिफिकेट जारी नहीं कर सकेगा।
5. NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TAN की अनिवार्यता खत्म
आयकर अधिनियम 2025 के नए नियम के तहत, अगर कोई भारतीय (Individual या HUF) किसी अनिवासी भारतीय (NRI) से भारत में जमीन, मकान या कोई भी प्रॉपर्टी खरीदता है, तो उसे अब टैक्स डिडक्शन अकाउंट नंबर (TAN) लेने की जरूरत नहीं है। खरीदार केवल अपने पैन कार्ड (PAN) का उपयोग करके ही टीडीएस (TDS) काट और जमा कर सकेंगे। हालांकि, टीडीएस काटने का नियम पहले की तरह ही लागू रहेगा।
6. एक्सपोर्ट सेक्टर में बदलेगा डिक्लेरेशन फ्रेमवर्क
निर्यातकों (Exporters) के लिए भी 1 अक्टूबर अहम है। पुराने SOFTEX फॉर्म की जगह अब एक सिंगल 'एक्सपोर्ट डिक्लेरेशन फॉर्म' (Export Declaration Form) ने ले ली है। इसके अलावा, निर्यात पर छूट देने वाली 'RoDTEP' योजना की पुरानी दरों की समय सीमा खत्म हो रही है और चीनी के निर्यात पर लगे प्रतिबंध की डेडलाइन भी इसी समय समाप्त हो रही है। व्यापारियों को अपने कागजात जल्द से जल्द अपडेट करने होंगे।
7. डिजिटल बैंकिंग रिकॉर्ड्स को मिलेगी कानूनी मान्यता
135 साल पुराने औपनिवेशिक कानून को खत्म करते हुए अब देश में 'बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 2026' लागू हो रहा है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद 1 अक्टूबर से बैंकों के डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक, वर्चुअल और क्लाउड-बेस्ड रिकॉर्ड्स को भी फिजिकल रजिस्टर की तरह ही अदालतों में कानूनी साक्ष्य (सबूत) के तौर पर पूरी मान्यता दी जाएगी।
8. पूर्वोत्तर में 6 महीने के लिए बढ़ा AFSPA
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अहम फैसला लिया है। 1 अक्टूबर 2026 से अगले छह महीनों के लिए अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मणिपुर के कुछ चिन्हित 'अशांत क्षेत्रों' में सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (AFSPA) की मियाद बढ़ा दी गई है।