राजस्थान के बाड़मेर जिले के शिव उपखंड में बिजली के करंट की दो अलग-अलग घटनाओं ने हड़कंप मचा दिया। इन हादसों में एक युवक की जान चली गई, जबकि दो मासूम सगे भाइयों की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों घटनाओं की जांच शिव पुलिस ने शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच जोरानाडा 220 केवी जीएसएस (ग्रिड सब-स्टेशन) पर मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले का रहने वाला 22 वर्षीय सुनील, जो ठेकेदार के साथ मजदूरी का काम करता था, बिजली के करंट की चपेट में आ गया। इस हादसे में वह बुरी तरह झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही शिव पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। मृतक सुनील के शव को शिव हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। पुलिस ने सुनील के परिजनों और ठेकेदार को इसकी सूचना दे दी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दो मासूम भाई करंट की चपेट में, हालत गंभीर

दूसरी घटना मानसरोवर तालाब के पास हुई, जहां पिछले दो दिनों से बिजली के टूटे हुए तार और पोल की मरम्मत नहीं की गई थी। गुरुवार को वहां खेल रहे दो सगे भाई, 8 वर्षीय मोहित और 10 वर्षीय अचलाराम, जो शिव के निवासी हैं, टूटे हुए बिजली के तारों की चपेट में आ गए। दोनों बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। आसपास के लोगों ने तुरंत उन्हें शिव हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बाड़मेर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। दोनों बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर बिजली विभाग को सूचित किया, जिसके बाद बिजली की सप्लाई बंद की गई।

पुलिस की जांच और बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल

शिव थाने के सब-इंस्पेक्टर जालाराम ने बताया कि दोनों घटनाओं की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन हादसों के पीछे की वजह क्या थी और क्या बिजली विभाग की लापरवाही इसके लिए जिम्मेदार है। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर सामने आए पोस्ट्स के अनुसार, बुधवार को आए तूफान के बाद कई जगह बिजली के तार टूट गए थे, जिन्हें ठीक नहीं किया गया, जिसके कारण ये हादसे हुए।

बिजली विभाग की लापरवाही पर उठ रहे सवाल

इन हादसों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। टूटे हुए तारों को समय पर ठीक न करने और रखरखाव में लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस मामले में बिजली विभाग से जवाब मांग रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

यह दुखद घटनाएं बिजली विभाग की ओर से तत्काल कार्रवाई और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं, ताकि ऐसी त्रासदियों को दोबारा होने से रोका जा सके।