राजस्थान में पचपदरा रिफाइनरी अब केवल ईंधन उत्पादन तक सीमित नहीं रहने वाली है, बल्कि यह पूरे प्रदेश में एक नई औद्योगिक क्रांति की शुरुआत करने जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में मुख्यमंत्री निवास पर राजस्थान पेट्रो जोन के तहत 18 महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय समझौते किए गए हैं।
इन समझौतों में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के बीच साझेदारी की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य रिफाइनरी से निकलने वाले पेट्रोकेमिकल उत्पादों का उपयोग कर नए उद्योग स्थापित करना है।
क्या बदलेगा इस फैसले से?
पचपदरा रिफाइनरी से मिलने वाले कच्चे माल के आधार पर प्लास्टिक, फार्मा और ऑटोमोबाइल सेक्टर में बड़े पैमाने पर उद्योग लगाए जाएंगे। इससे राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी और निवेश के अवसर तेजी से बढ़ेंगे।
रोजगार के नए अवसर
इन 18 समझौतों से राजस्थान में हजारों नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। प्लास्टिक फर्नीचर, कृषि पाइप, पैकेजिंग सामग्री, ऑटो पार्ट्स, सिंथेटिक फाइबर और मेडिकल उपकरण जैसे उत्पादों का उत्पादन बढ़ेगा।
पेट्रो जोन का विस्तार
राजस्थान पेट्रो जोन को बालोतरा के बोरावास-कलावा क्षेत्र में लगभग 1022 हेक्टेयर में विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में कई औद्योगिक भूखंड और फैक्ट्री शेड तैयार किए जा चुके हैं, जबकि आगे और विस्तार की योजना भी है।
बड़ा औद्योगिक विजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल एक रिफाइनरी नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए औद्योगिक भविष्य की नींव है। इससे राजस्थान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित किया जाएगा।