भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस बार विवाद की जड़ पंजाब की 'ड्राफ्ट वोटर लिस्ट' (Draft Voter List) है। दरअसल, मोहाली की वोटर लिस्ट में राघव चड्ढा के नाम के आगे 'शिफ्टेड' (यानी दूसरी जगह चले गए) लिख दिया गया है। इसके बाद चड्ढा ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, AAP ने भी अपने पूर्व नेता पर तीखा पलटवार किया है।
"यह क्लर्क की गलती नहीं, राजनीतिक साजिश है"
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि उनका वोटर ID पंजाब के मोहाली में रजिस्टर्ड है, इसके बावजूद ड्राफ्ट लिस्ट में उन्हें 'शिफ्टेड' दिखाया गया है। उन्होंने इसके पीछे पंजाब सरकार की साजिश होने का दावा किया है।
चड्ढा के प्रमुख आरोप:
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सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग: चड्ढा का आरोप है कि चुनाव ड्यूटी में तैनात BLO से लेकर मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) तक सभी राज्य सरकार के अधीन होते हैं। चुनाव के बाद इन्हीं अधिकारियों की पोस्टिंग और ट्रांसफर AAP सरकार के हाथ में होती है, जिसका फायदा उठाकर सरकार अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव बना रही है।
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पार्टी छोड़ने की सजा: अप्रैल में AAP छोड़कर BJP में शामिल होने का जिक्र करते हुए चड्ढा ने कहा कि जब से उन्होंने चुप रहने से इनकार किया है, तब से AAP नेतृत्व उनसे नाराज है। उनके मुताबिक, अन्य सांसद जिन्होंने AAP छोड़ी है, उन्हें भी इसी तरह निशाना बनाया जा रहा है।
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नियमों की अनदेखी: उन्होंने चुनाव आयोग की SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) गाइडलाइंस के पैरा 4(d) का हवाला दिया, जो जनप्रतिनिधियों को एक "सुरक्षित सूची" (Protected List) में रखता है।
आम आदमी पार्टी (AAP) का तीखा पलटवार
राघव चड्ढा के इन आरोपों पर आम आदमी पार्टी ने करारा जवाब दिया है। पंजाब AAP के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि वोटर लिस्ट को अपडेट करने का काम चुनाव आयोग (Election Commission) करता है, इसमें राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं होती।
AAP के प्रमुख तर्क:
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दिल्ली में रहने का हवाला: AAP ने कहा कि यह जगजाहिर है कि राघव चड्ढा पंजाब में नहीं बल्कि दिल्ली में रहते हैं। ऐसे में अपना वोटर रजिस्ट्रेशन अपडेट रखना उनकी खुद की जिम्मेदारी थी। अपनी गलती के लिए वह पंजाब सरकार को दोष नहीं दे सकते।
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बैकडेटेड प्रक्रिया का आरोप: AAP प्रवक्ता ने चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से दावा किया कि चड्ढा दिल्ली के राजिंदर नगर में "बैक-डेटेड" (पुरानी तारीख वाली) प्रक्रिया का इस्तेमाल करके वोटर के तौर पर खुद को रजिस्टर कराने की कोशिश कर रहे थे। AAP ने चेतावनी दी है कि अगर BJP ने इस गैर-कानूनी काम में उनकी मदद की है, तो वे इस मामले की तह तक जाएंगे।
चुनाव आयोग ने दावों को किया खारिज
इस पूरे विवाद के बीच चुनाव आयोग का बयान भी सामने आया है। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई (PTI) से बातचीत में AAP के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि चड्ढा दिल्ली की वोटर लिस्ट में पीछे के दरवाजे से नाम जुड़वाने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारी ने स्पष्ट किया, "ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है और न ही उठाया जा रहा है।"
राघव चड्ढा ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि यह अभी केवल एक 'ड्राफ्ट लिस्ट' है, फाइनल लिस्ट नहीं। उन्होंने बताया कि 'दावे और आपत्तियों' (Claims and Objections) की प्रक्रिया अभी जारी है और फाइनल वोटर लिस्ट अक्टूबर 2026 में जारी की जाएगी। फिलहाल, चड्ढा ने चुनाव आयोग की गाइडलाइंस के तहत नाम सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।