जयपुर। राजस्थान में लंबे समय से लंबित निकाय (Urban Local Body) और पंचायत चुनावों को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। राज्य सरकार ने राजस्थान हाई कोर्ट की खंडपीठ में शपथ पत्र (एफिडेविट) पेश कर चुनावों का संभावित कार्यक्रम बताया है। सरकार के अनुसार पहले निकाय चुनाव कराए जाएंगे और उसके बाद पंचायत चुनाव आयोजित होंगे।

 निकाय चुनाव की घोषणा 17 अगस्त को की जाएगी, जबकि पंचायत चुनाव की घोषणा 23 सितंबर को प्रस्तावित है। सरकार ने कोर्ट को बताया कि चुनावी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। हाई कोर्ट की खंडपीठ ने सरकार की ओर से प्रस्तुत इस टाइमलाइन को स्वीकार करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निकाय और पंचायत चुनावों की पूरी प्रक्रिया 15 नवंबर तक हर हाल में पूरी कर ली जाए। कोर्ट ने समयबद्ध तरीके से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने पर भी जोर दिया है।

चुनाव कार्यक्रम से पहले आरक्षण प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। सरकार ने कोर्ट को बताया कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग अपनी रिपोर्ट 5 अगस्त तक सरकार को सौंप देगा। इसके बाद आयोग की सिफारिशों के आधार पर 15 अगस्त तक आरक्षण की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी, जिससे चुनाव की अधिसूचना जारी करने में कोई बाधा नहीं रहेगी।

 राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनाव लंबे समय से लंबित हैं। आरक्षण निर्धारण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण चुनाव कार्यक्रम आगे बढ़ता रहा। अब सरकार की ओर से हाई कोर्ट में प्रस्तुत शपथ पत्र के बाद चुनावी प्रक्रिया को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है।

यदि सरकार तय कार्यक्रम के अनुसार  अगस्त से नवंबर के बीच प्रदेश में पहले शहरी निकायों और फिर पंचायतों के लिए मतदान कराया जाएगा। इससे स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का गठन होने का रास्ता भी साफ हो जाएगा।