जयपुर, 16 फरवरी 2026 राजस्थान की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। भरतपुर जिले के डीग क्षेत्र में स्थित पवित्र स्थल पूंछरी का लोटा (या पूंछरी का लौठा) अब भारत के हेरिटेज मैप पर एक चमकदार सितारे की तरह उभरेगा। यह वह जगह है जहां भगवान श्रीकृष्ण के चरण चिह्न और उनके प्रिय सखा लोटा बाबा की तपस्या की कथाएं आज भी जीवंत हैं। गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा मार्ग पर बसा यह स्थल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और गहन आध्यात्मिक महत्व के लिए जाना जाता है, जहां गोवर्धन पर्वत मोर की पूंछ की तरह फैला हुआ प्रतीत होता है।
यह स्थल न केवल श्रद्धालुओं के लिए तीर्थ है, बल्कि ब्रज क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। यहां की लोककथाएं बताती हैं कि लोटा बाबा ने भगवान कृष्ण की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया था, और आज भी यह स्थान भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक कथाओं का यह संगम इसे पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत आकर्षक बनाता है।
अनिल अग्रवाल की दृष्टि और सीएसआर पहल से मिलेगा नया जीवन
इस विकास की मुख्य प्रेरणा वेदांता ग्रुप के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल की दूरदर्शिता और उनकी सामाजिक प्रतिबद्धता से आई है। श्री अग्रवाल, जो अपनी संपत्ति का 75 प्रतिशत सामाजिक कार्यों के लिए दान करने का संकल्प ले चुके हैं, ने अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के माध्यम से इस परियोजना को मजबूत समर्थन दिया है। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (वेदांता ग्रुप की प्रमुख कंपनी) की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहल के तहत 100 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित किया गया है।
इस परियोजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:
गोवर्धन परिक्रमा के 21 किलोमीटर लंबे मार्ग का जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण।रेस्टोरेशन कार्य, जिसमें ऐतिहासिक स्थलों की मरम्मत और संरक्षण शामिल है।पर्यटक सुविधाओं का विकास, जैसे बेहतर पाथवे, विश्राम स्थल, स्वच्छता व्यवस्था, और सुरक्षा उपाय।स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार सृजन, कौशल विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर।
श्री अनिल अग्रवाल का मानना है कि व्यवसाय केवल लाभ कमाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के उत्थान का सशक्त कारण भी होना चाहिए। उनकी यह पहल न केवल पूंछरी का लोटा को नई पहचान देगी, बल्कि राजस्थान की पर्यटन अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। पिछले वर्ष दिसंबर 2024 में इस परियोजना का शिलान्यास भी हो चुका है, जिसमें राज्य सरकार और वेदांता ग्रुप के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
राजस्थान बजट 2026-27 में पर्यटन को मिला मजबूत बढ़ावा
राजस्थान सरकार ने विधानसभा में पेश राज्य बजट 2026-27 में इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क विकास और पर्यटन पर विशेष जोर दिया है। बजट में 1,800 करोड़ रुपये शहरी सड़कों के लिए और 500 करोड़ रुपये सड़क विकास के लिए आवंटित किए गए हैं। ये फंड्स हेरिटेज स्थलों को जोड़ने वाली सड़कों को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होंगे, जिसमें गोवर्धन परिक्रमा मार्ग भी शामिल है।
बजट की थीम विकसित राजस्थान 2047 के अंतर्गत पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का पर्यटन मेगा प्लान प्रस्तावित किया है, जिसमें हेरिटेज शहरों में वॉकवे, इको-टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक स्थलों का विकास शामिल है। भरतपुर क्षेत्र में ब्रज कन्वेंशन सेंटर जैसे प्रोजेक्ट्स भी घोषित हुए हैं, जो पूंछरी का लोटा जैसे स्थलों को नई पहचान देंगे।इसके अलावा, जल, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना है। पूंछरी का लोटा अब न केवल एक तीर्थस्थल रहेगा, बल्कि राजस्थान के हेरिटेज हॉटस्पॉट्स में शुमार हो जाएगा, जहां इतिहास, आस्था और आधुनिक विकास एक साथ चमकेंगे।