राजस्थान में बैक-टू-बैक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने से प्री-मानसून की बारिश और आंधी का सिलसिला जारी है। आज 18 जून 2026 को मौसम विभाग ने कई जिलों में आंधी, मेघगर्जन, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है। अधिकतम तापमान कई जगहों पर 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिली है।
29 जिलों में अलर्ट:
श्रीगंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़, जोधपुर, उदयपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, बारां, टोंक, कोटा, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर, झुंझुनू, भरतपुर, अजमेर, करौली, दौसा, नागौर, सीकर, पाली और अन्य जिलों में आंधी-बारिश, धूल भरी आंधी (डस्ट स्टॉर्म) और तेज हवाओं (30-60 किमी/घंटा या अधिक) की संभावना। कुछ जगहों पर 50-70 किमी/घंटा तक हवाएं चल सकती हैं।
तापमान में गिरावट:
कई इलाकों में अधिकतम तापमान 38-40 डिग्री या उससे नीचे रहने की उम्मीद। उदाहरण: जयपुर में अधिकतम लगभग 38 डिग्री, न्यूनतम 28 डिग्री के आसपास।
IMD चेतावनी: पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान दोनों में Day 1 (18 जून) से लेकर अगले कई दिनों तक थंडरस्टॉर्म, लाइटनिंग, स्क्वॉल (तेज हवाएं) और डस्ट स्टॉर्म की चेतावनी। पश्चिमी राजस्थान में डस्ट स्टॉर्म की संभावना ज्यादा।
किसानों को फसलों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। बिजली गिरने, पेड़ गिरने या धूल भरी आंधी से यातायात प्रभावित हो सकता है। आम लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह।
मानसून की एंट्री कब?
दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में 4 जून 2026 को पहुंच चुका है। उत्तर भारत में आगे बढ़ने की प्रक्रिया चल रही है।
IMD के अनुसार, 23 जून 2026 के आसपास तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ सकता है। राजस्थान में सामान्य रूप से मानसून जून के अंत या जुलाई की शुरुआत में एंट्री करता है, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियां पहले से राहत दे रही हैं।
इस साल कुल मानसून वर्षा सामान्य से कम (90% LPA) रहने की संभावना है, लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत (राजस्थान सहित) में कुछ क्षेत्रों में सामान्य या उससे अधिक हो सकती है।
पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और ऊपरी हवाओं के चक्रवाती परिसंचरण के कारण बादल छाए रहेंगे। इससे हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं संभव हैं। जून में ऐसी गतिविधियां आम हैं और गर्मी से राहत दिलाती हैं। खेतों में काम करते समय बिजली और तेज हवाओं से सावधानी बरतें। शहरों में ड्राइविंग के दौरान सतर्क रहें।