जयपुर: राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को सदन में सरहदी जिले बाड़मेर की समस्याओं की गूँज सुनाई दी। इस चर्चा के केंद्र में रहे शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, जिनके बीच विकास और जवाबदेही को लेकर एक महत्वपूर्ण संवाद हुआ।
जनता की आवाज़ और सरकार का जवाब
जहाँ एक ओर युवा विधायक रविंद्र सिंह भाटी अपने क्षेत्र की जनता की समस्याओं को लेकर मुखर नजर आए और बाड़मेर की बदहाल सड़कों पर सरकार को घेरा, वहीं दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बेहद धैर्य और स्पष्टता के साथ सरकार का विकास रोडमैप सदन के सामने रखा।
प्रमुख बिंदु:
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सड़कों की बदहाली पर सवाल: विधायक भाटी ने पूछा कि सीमावर्ती क्षेत्रों की जनता कब तक गड्ढों भरी सड़कों पर चलने को मजबूर रहेगी? उन्होंने विशेष रूप से 'शिव' विधानसभा क्षेत्र में अटके हुए कार्यों और खराब गुणवत्ता का मुद्दा उठाया।
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कार्य प्रगति की रिपोर्ट: सरकार की ओर से जवाब देते हुए डिप्टी सीएम ने बताया कि पिछले साल स्वीकृत 15 करोड़ के बजट में से बाड़मेर की 17 सड़कों में से 7 का कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य समय सीमा में पूरे कर लिए जाएंगे।
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विशेष परीक्षण (Verification) की घोषणा: भाटी की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए उपमुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा की कि जिन सड़कों की गुणवत्ता खराब है, विभाग उनका फिर से तकनीकी परीक्षण करवाएगा और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बजट आवंटित किया जाएगा।
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बिना भेदभाव विकास का संकल्प: दिया कुमारी ने स्पष्ट किया कि 'विकसित राजस्थान' के विजन में सीमावर्ती जिले प्राथमिकता पर हैं और विकास कार्यों में किसी भी विधायक या क्षेत्र के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।