जयपुर। राजस्थान में सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा (सेकेंड ग्रेड) रविवार, 12 जुलाई से शुरू हो गई। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से आयोजित इस भर्ती परीक्षा के लिए राज्य के 27 जिलों में 1221 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा के पहले दिन सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रही। अभ्यर्थियों को मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। महिलाओं की चूड़ियां उतरवाई गईं, जबकि हाथों में बंधे धागे और कलावे भी कटवाकर ही प्रवेश की अनुमति दी गई।

हालांकि परीक्षा के दौरान कुछ केंद्रों पर अव्यवस्था भी देखने को मिली। सवाई माधोपुर के एक परीक्षा केंद्र पर मेटल डिटेक्टर करीब 20 मिनट की देरी से पहुंचा। इस दौरान कई अभ्यर्थियों को बिना मेटल डिटेक्टर जांच के ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दे दिया गया।

वहीं पाली शहर के कलेक्ट्रेट के पास स्थित बांगड़ स्कूल परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय के बाद पहुंचे अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। इसी बीच जब प्रश्नपत्र लेकर वाहन परीक्षा केंद्र पहुंचा तो गेट खोला गया। मौके का फायदा उठाकर कुछ अभ्यर्थी प्रश्नपत्र की गाड़ी के पीछे-पीछे केंद्र के अंदर घुस गए। हालांकि वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उन्हें बाहर निकाल दिया। इस दौरान एक महिला अभ्यर्थी के पिता ने विरोध जताते हुए प्रशासन पर सवाल उठाए और मामले को कोर्ट तक ले जाने की चेतावनी भी दी।

RPSC के अनुसार, परीक्षा के लिए 12 लाख 30 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। यह भर्ती कुल 9,651 वरिष्ठ अध्यापक पदों के लिए आयोजित की जा रही है, जो इस वर्ष की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षाओं में शामिल है।

परीक्षा के पहले दिन दो पारियों में आयोजन किया गया। पहली पारी सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक सामान्य ज्ञान (GK) विषय की रही, जबकि दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से शाम 5:30 बजे तक सामाजिक विज्ञान (Social Science) की परीक्षा आयोजित की गई।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले तक ही प्रवेश दिया गया। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।

सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा 12 जुलाई से 18 जुलाई 2026 तक विभिन्न विषयों के लिए चार समूहों में आयोजित की जाएगी। भर्ती में सबसे कम पद गुजराती विषय के लिए हैं, जबकि गणित विषय में सर्वाधिक पद निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सभी केंद्रों पर पुलिस बल, निगरानी टीमों और कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।