दौसा जिले में पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई में करीब 3000 लीटर संदिग्ध एवं मिलावटी दूध से भरी एक पिकअप को पकड़ा गया। जांच के दौरान दूध में बदबू, रंग में बदलाव और खट्टापन पाए जाने पर उसे मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त मानते हुए मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। पुलिस ने पिकअप चालक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, एएसपी लालसोट को संदिग्ध दूध की खेप ले जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर सलेमपुर थाना प्रभारी संतचरण गुर्जर के नेतृत्व में तालचिड़ी क्षेत्र में नाकाबंदी की गई। इसी दौरान बयाना की ओर से आ रही एक पिकअप को रोककर उसकी तलाशी ली गई।
जांच में पिकअप में रखी बड़ी प्लास्टिक टंकियों और ड्रमों में करीब 3000 लीटर दूध जैसा सफेद पदार्थ भरा हुआ मिला। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके पर जांच की तो पदार्थ में तेज बदबू, रंग में बदलाव और हल्का खट्टापन पाया गया। प्रथम दृष्टया इसे मिलावटी और उपयोग के लिए अनुपयुक्त माना गया। विभाग ने जांच के लिए सैम्पल भी एकत्र किए हैं।
इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की मौजूदगी में बाढ़ा रोड स्थित चारागाह क्षेत्र में पूरे दूध का निस्तारण कराया गया। कार्रवाई के दौरान पिकअप चालक की पहचान तेजसिंह गुर्जर (29) निवासी शेरगढ़, भरतपुर के रूप में हुई, जिसे पुलिस ने डिटेन कर लिया।
फिलहाल पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग मामले की गहन जांच कर रहे हैं। सैम्पल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।