बाड़मेर | 29 जून, राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में बाड़मेर में पिछले 22 दिनों से जारी नर्सिंगकर्मियों का आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। लगातार धरना-प्रदर्शन के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होने से नाराज नर्सिंगकर्मियों ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया है। संघर्ष समिति ने मंगलवार, 30 जून को जिला कलेक्टर कार्यालय के घेराव का ऐलान करते हुए प्रदेशभर के नर्सिंगकर्मियों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।

समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से नर्सिंगकर्मी शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। ऐसे में अब आंदोलन को व्यापक रूप देने का निर्णय लिया गया है ताकि सरकार तक उनकी आवाज मजबूती से पहुंच सके।

सुबह अस्पताल से निकलेगी रैली

संघर्ष समिति के अनुसार मंगलवार सुबह 9:30 बजे सभी नर्सिंगकर्मी राजकीय चिकित्सालय, बाड़मेर के मुख्य द्वार पर एकत्रित होंगे। इसके बाद रैली के रूप में जिला कलेक्टर कार्यालय तक मार्च किया जाएगा, जहां प्रदर्शन और घेराव कर सरकार के खिलाफ विरोध जताया जाएगा। समिति ने जिले के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से नर्सिंगकर्मियों से भी इस आंदोलन में भाग लेने की अपील की है।

ये हैं नर्सिंगकर्मियों की प्रमुख मांगें

नर्सिंगकर्मियों ने सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। इनमें मेरिट एवं बोनस अंक के आधार पर नई नर्सिंग भर्ती का विज्ञापन जारी करना, लंबे समय से सेवाएं दे रहे अनुभवी नर्सिंगकर्मियों की सेवाएं बहाल करना तथा दिवंगत नर्सिंगकर्मी दीपक के परिवार को उचित मुआवजा और आश्रित को सरकारी नौकरी प्रदान करना प्रमुख मांगों में शामिल हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा मुद्दा बताया

संघर्ष समिति का कहना है कि यह आंदोलन केवल नर्सिंगकर्मियों के हितों के लिए नहीं बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और आम जनता के बेहतर इलाज से भी जुड़ा हुआ है। समिति का दावा है कि अनुभवी नर्सिंगकर्मियों की सेवाएं बहाल होने और नियमित भर्ती होने से अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी।

समाज से मांगा समर्थन

संघर्ष समिति ने सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, कर्मचारी संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों से आंदोलन में सहयोग देने और अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। समिति का कहना है कि जनसमर्थन मिलने से सरकार पर सकारात्मक निर्णय लेने का दबाव बनेगा।

सरकार को दी चेतावनी

संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र किया जाएगा। समिति का कहना है कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। फिलहाल मंगलवार को होने वाले जिला कलेक्टर कार्यालय के घेराव को लेकर नर्सिंगकर्मियों में व्यापक तैयारियां चल रही हैं और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।