श्रीगंगानगर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अजय सिंगला और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के जिला अध्यक्ष डॉ. हरीश रहेजा के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अस्पताल निरीक्षण के दौरान मिली कथित अनियमितताओं से शुरू हुआ मामला अब पैसे मांगने और जातिसूचक गालियां देने के आरोपों तक पहुंच गया है।

ताजा घटनाक्रम में डॉ. हरीश रहेजा के श्रीअंबे हॉस्पिटल के स्टाफ ने CMHO डॉ. अजय सिंगला पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में अस्पताल कर्मी शनिवार को जवाहर नगर थाने पहुंचे, हालांकि खबर लिखे जाने तक पुलिस में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ था।

अस्पताल निरीक्षण से शुरू हुआ विवाद

CMHO डॉ. अजय सिंगला के अनुसार 26 मई 2026 को PCPNDT अधिनियम के तहत श्रीअंबे हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई गंभीर खामियां सामने आईं।

डॉ. सिंगला का कहना है कि एक्स-रे कक्ष के बाहर गर्भवती महिलाओं को बैठाया गया था, जिससे भ्रूण पर रेडिएशन का खतरा था। इसके अलावा एक्स-रे मशीन और लैब का पंजीकरण नहीं मिला। अस्पताल में कार्यरत कुछ कर्मचारियों की योग्यता और प्रशिक्षण को लेकर भी सवाल उठे। संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने पर अस्पताल को नोटिस जारी किया गया।

CMHO का दावा है कि अस्पताल प्रबंधन ने लिखित रूप से कमियों को स्वीकार करते हुए स्पष्टीकरण और माफी भी प्रस्तुत की थी।

पैसे मांगने के आरोप भी लगे

निरीक्षण के बाद डॉ. हरीश रहेजा ने CMHO पर पैसे मांगने के आरोप लगाए थे। इस मामले में डॉ. सिंगला ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने कई महीनों से डॉ. रहेजा से कोई संपर्क नहीं किया था और जिस ऑडियो क्लिप का हवाला दिया जा रहा है, उसमें कहीं भी पैसे मांगने जैसी कोई बात नहीं है।

उन्होंने कहा कि संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग जिला कलेक्टर और उच्च अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई है।

IMA ने बनाई दूरी

इस पूरे विवाद के बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने खुद को मामले से अलग कर लिया है। एसोसिएशन ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि डॉ. हरीश रहेजा द्वारा लगाए गए आरोप उनके व्यक्तिगत आरोप हैं और संगठन का उनसे कोई संबंध नहीं है।

CMHO बोले- दबाव बनाने की कोशिश

डॉ. अजय सिंगला ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मिली कमियों पर कार्रवाई से बचने और जांच को प्रभावित करने के लिए उन पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य और सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा नियमों के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।

फिलहाल मामले ने स्वास्थ्य विभाग और निजी चिकित्सा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।