राजस्थान की राजधानी जयपुर अब तकनीक के जरिए और अधिक स्मार्ट बनने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है। आपदा, आपातकाल या ट्रैफिक जैसी परिस्थितियों में लोगों तक तुरंत और सटीक सूचना पहुंचाने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने शहर में IP आधारित पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाने की शुरुआत कर दी है। इस परियोजना के तहत शहर के 24 प्रमुख स्थानों पर इंटरनेट आधारित स्मार्ट स्पीकर लगाए जाएंगे, जिन्हें एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से संचालित किया जाएगा।
इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस किसी भी चौराहे या क्षेत्र में मौजूद स्पीकर के जरिए कुछ ही सेकंड में जरूरी घोषणाएं कर सकेंगे। इससे लोगों तक रियल-टाइम सूचना पहुंचाना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और प्रभावी होगा।
क्या है IP आधारित पब्लिक एड्रेस सिस्टम?
IP आधारित पब्लिक एड्रेस सिस्टम इंटरनेट नेटवर्क पर काम करने वाला आधुनिक लाउडस्पीकर सिस्टम है। इसमें लगे सभी स्पीकर ऑनलाइन जुड़े रहते हैं और उन्हें एक कंट्रोल सेंटर से संचालित किया जाता है। यदि किसी स्पीकर में तकनीकी खराबी आती है तो उसकी जानकारी भी तुरंत कंट्रोल रूम को मिल जाती है। यही वजह है कि यह पारंपरिक अनाउंसमेंट सिस्टम की तुलना में अधिक भरोसेमंद और प्रभावी माना जा रहा है।
अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से होगा संचालन
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका सेंट्रलाइज्ड ऑपरेशन है। शहर के सभी 24 स्मार्ट स्पीकर अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े होंगे। यहां से प्रशासनिक अधिकारी और ट्रैफिक पुलिस आवश्यकता के अनुसार किसी भी स्थान पर तुरंत घोषणा कर सकेंगे।
ट्रैफिक जाम, मार्ग परिवर्तन, मौसम संबंधी चेतावनी, आपदा या किसी अन्य आपातकालीन स्थिति में यह सिस्टम लोगों तक तुरंत सूचना पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पहले चरण में इन 8 स्थानों पर शुरू हुई सुविधा
JDA आयुक्त सिद्धार्थ महाजन के अनुसार, पहले चरण में शहर के 8 प्रमुख और व्यस्त स्थानों पर यह सिस्टम सक्रिय कर दिया गया है। इनमें शामिल हैं—
- त्रिमूर्ति सर्किल
- रामबाग चौराहा
- जगतपुरा 7 नंबर बस स्टैंड
- सोफिया स्कूल (घाटगेट)
- श्री पिंजरापोल गौशाला
- जवाहर सर्किल (जेएलएन मार्ग)
- एसएमएस मेडिकल कॉलेज के सामने
- नगर निगम परिसर
आने वाले समय में शेष 16 स्थानों पर भी इस सुविधा का विस्तार किया जाएगा।
सिर्फ ट्रैफिक नहीं, जनजागरूकता में भी होगा इस्तेमाल
यह स्मार्ट सिस्टम केवल ट्रैफिक अपडेट देने तक सीमित नहीं रहेगा। इसका उपयोग स्वच्छता अभियान, सड़क सुरक्षा नियमों के प्रचार, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए भी किया जाएगा।
JDA का मानना है कि आधुनिक तकनीक और बेहतर शहरी प्रबंधन का यह संयोजन जयपुर को एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक स्मार्ट सिटी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।