राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, महियांवाली में छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। स्कूल में मिड-डे मील के तहत बच्चों को कथित तौर पर कच्ची रोटियां परोसी जा रही थीं, जबकि हॉस्टल में बिजली और पंखों की व्यवस्था भी ठप मिली। शिकायत मिलने पर जिला प्रमुख दुल्लाराम इंदलिया ने स्कूल का औचक निरीक्षण किया और कई अव्यवस्थाओं को देखकर नाराजगी जताई।
करीब 450 छात्रों वाले इस नवोदय विद्यालय में निरीक्षण के दौरान जिला प्रमुख ने बच्चों से सीधे बातचीत की। छात्रों ने भी बताया कि उन्हें कई बार ठीक से सिकी हुई रोटियां नहीं मिलतीं। मौके पर परोसी गई रोटियों की जांच करने पर वे अधपकी मिलीं। इस पर जिला प्रमुख ने स्कूल प्रशासन से जवाब तलब किया।
रोटी बनाने की मशीन कई दिनों से खराब
स्कूल प्रशासन ने सफाई देते हुए बताया कि रोटी सेंकने वाली मशीन पिछले 10 से 15 दिनों से खराब है। मशीन ठीक करने के लिए मैकेनिक उपलब्ध नहीं होने के कारण रोटियां सही तरीके से नहीं बन पा रही हैं। इस पर जिला प्रमुख ने नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि क्या ऐसी रोटियां अपने बच्चों को भी खिलाई जा सकती हैं।
गर्मी में बिना बिजली-पंखे के पढ़ाई करते मिले छात्र
निरीक्षण के दौरान हॉस्टल की स्थिति भी चिंताजनक मिली। कई छात्र तेज गर्मी के कारण शर्ट उतारकर पढ़ाई करते नजर आए। छात्रों ने बताया कि हॉस्टल में बिजली की आपूर्ति नहीं थी और पंखे भी बंद पड़े थे। स्थिति को देखते हुए जिला प्रमुख ने मौके पर ही केबल मंगवाकर बिजली की व्यवस्था शुरू करवाई, जिससे छात्रों को तत्काल राहत मिल सकी।
गंदी बेडशीट और परिसर में गंदगी
हॉस्टल में बिछी बेडशीट काफी गंदी मिलीं, जिससे फंगस और संक्रमण फैलने की आशंका जताई गई। इसके अलावा स्कूल परिसर में जमा गंदा पानी, खिड़कियों पर जमी धूल और आवारा कुत्तों की मौजूदगी भी देखने को मिली। जिला प्रमुख ने इन सभी व्यवस्थाओं पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
मामला संसद तक पहुंचाने की तैयारी
दुल्लाराम इंदलिया ने कहा कि यह मामला केवल अव्यवस्थाओं का नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जानकारी श्रीगंगानगर सांसद कुलदीप इंदौरा को पत्र लिखकर दी गई है और उनसे इस मुद्दे को संसद में उठाने का अनुरोध किया गया है। साथ ही जिला कलेक्टर को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया है, ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
स्कूल में सामने आई इन व्यवस्थागत खामियों ने बच्चों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं और सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।