बीकानेर जिले के लूणकरणसर कस्बे के बस स्टैंड पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक निजी ट्रेवल्स से जुड़े युवक ने राजस्थान रोडवेज बस के चालक-परिचालक पर कथित तौर पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि युवक ने सरेआम धारदार हथियार लहराते हुए रोडवेज स्टाफ के साथ मारपीट की, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया।

यह घटना सवारी उठाने और रूट टाइमिंग को लेकर हुए विवाद के बाद हुई बताई जा रही है। बस स्टैंड पर हुई इस घटना के दौरान यात्रियों और आम लोगों में भी दहशत फैल गई और काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

बस स्टैंड पर अचानक बिगड़ा माहौल

जानकारी के अनुसार, लूणकरणसर बस स्टैंड पर रोडवेज बस और लोक परिवहन/निजी ट्रेवल्स से जुड़े लोगों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोप है कि निजी ट्रेवल्स से जुड़े युवक ने हथियार लहराते हुए रोडवेज चालक-परिचालक के साथ मारपीट कर दी।

इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो भी बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

यात्रियों में मची अफरा-तफरी

हथियार लहराए जाने और मारपीट की घटना से बस स्टैंड पर मौजूद यात्रियों में दहशत फैल गई। कई लोग मौके से दूर भागते नजर आए। घटना के बाद रोडवेज स्टाफ और आरोपी पक्ष के लोग लूणकरणसर थाने पहुंचे, जहां दोनों पक्षों की ओर से शिकायत दी गई है।

पहले भी विवादों में रहा है मामला

स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपी पर पहले भी रोडवेज कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार और हाथापाई के आरोप लगते रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और वीडियो तथा दोनों पक्षों के बयान के आधार पर कार्रवाई की बात कही जा रही है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

राजस्थान रोडवेज बस स्टाफ के साथ मारपीट की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई जिलों में बस चालकों और परिचालकों पर हमले के मामले सामने आ चुके हैं।

करीब दो महीने पहले अलवर जिले के मालाखेड़ा थाना क्षेत्र में भी टिकट विवाद को लेकर रोडवेज कंडक्टर के साथ मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

पुलिस जांच जारी

फिलहाल लूणकरणसर पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में कर्मचारियों की सुरक्षा और बस स्टैंड पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रही है।