जयपुर: राजस्थान पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में कई ऐसे अपराधी शामिल हैं, जिन पर हत्या, रंगदारी, डकैती और संगठित अपराध जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें से कुछ अपराधी भारत से फरार होकर विदेशों में छिपे बैठे हैं। हैरानी की बात यह है कि इन पर लाखों रुपये का इनाम घोषित है, इंटरपोल की मदद भी ली जा रही है, लेकिन इसके बावजूद ये अब तक कानून की पकड़ से बाहर हैं। राजस्थान पुलिस ने पिछले साल 25 मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची जारी की थी और लोगों से उनकी सूचना देने की अपील भी की थी। हालांकि, इनमें से अधिकांश अपराधी अब भी फरार हैं। कुछ भारत में छिपे होने की आशंका है, जबकि कई अपराधियों के विदेश में होने की जानकारी सामने आई है।
विदेश से चला रहे हैं गैंग
पुलिस के मुताबिक, विदेश में छिपे कुछ गैंगस्टर वहीं बैठकर अपने नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे हैं। किसी बड़ी वारदात के बाद सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने जैसी घटनाएं भी सामने आती रही हैं। इसके बावजूद उनकी सटीक लोकेशन तक पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। विदेश में छिपे बताए जा रहे अपराधियों में रोहित गोदारा, महेंद्र उर्फ समीर मेघवाल, गोल्डी बराड़, वीरेंद्र सिंह चारण, अनमोल विश्नोई और नवीन बॉक्सर जैसे नाम शामिल हैं। वहीं पेपर लीक मामले का आरोपी सुरेश ढाका भी विदेश में होने की चर्चाओं में रहा है।
लाखों का इनाम, फिर भी गिरफ्तारी मुश्किल
इन अपराधियों पर राजस्थान पुलिस के साथ-साथ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी इनाम घोषित किया है। रोहित गोदारा, गोल्डी बराड़, महेंद्र मेघवाल और वीरेंद्र चारण पर 5-5 लाख रुपये का इनाम है। वहीं राजस्थान पुलिस ने महेंद्र मेघवाल पर 2 लाख रुपये, जबकि रोहित गोदारा, वीरेंद्र चारण और अनमोल विश्नोई समेत कई आरोपियों पर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।
आखिर पकड़ना इतना मुश्किल क्यों?
विदेश में छिपे अपराधियों को गिरफ्तार करना सिर्फ उन्हें ढूंढने का मामला नहीं होता। सबसे पहले उनकी लोकेशन की पुष्टि करनी पड़ती है। इसके बाद इंटरपोल और संबंधित देश की सुरक्षा एजेंसियों की मदद से कार्रवाई होती है। गिरफ्तारी होने के बाद भी उन्हें भारत लाने के लिए लंबी प्रत्यर्पण (Extradition) प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिसमें हर देश के अपने अलग कानूनी नियम और शर्तें होती हैं। राजस्थान पुलिस ने करीब दो साल पहले इटली में गैंगस्टर अमरदीप और बाद में उसकी पत्नी सुधा कंवर को स्थानीय एजेंसियों की मदद से गिरफ्तार करवाया था। हालांकि, दोनों का भारत प्रत्यर्पण अभी भी पूरा नहीं हो पाया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया जारी है।
विदेश में भी कार्रवाई कर चुकी है राजस्थान पुलिस
हालांकि यह कहना गलत होगा कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पिछले दो वर्षों में राजस्थान पुलिस ने विदेशों में छिपे पांच अपराधियों को गिरफ्तार करवाने में सफलता हासिल की है। इनमें अमित शर्मा उर्फ जैक पंडित, आदित्य जैन उर्फ टोनी, अमरदीप और सुधा कंवर जैसे नाम शामिल हैं। ये आरोपी इटली, दुबई और कैलिफोर्निया जैसे देशों में छिपे हुए थे। इनमें से एक आरोपी को भारत लाने में भी पुलिस सफल रही है।
मोस्ट वांटेड अपराधियों की तलाश अभी भी जारी है। लाखों के इनाम, इंटरपोल की मदद और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग के बावजूद कई बड़े गैंगस्टर अब भी कानून की पहुंच से बाहर हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राजस्थान पुलिस इन फरार अपराधियों को भारत वापस लाने में कामयाब होगी, या फिर ये विदेशी जमीन से ही अपने नेटवर्क को चलाते रहेंगे? आने वाले समय में चल रही अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई इसका जवाब दे सकती है।