– गुलाबी शहर जयपुर को स्वच्छता के नए शिखर पर पहुंचाने के लिए आज एक अभूतपूर्व अभियान की शुरुआत हुई। ‘सफाई सेवा मैराथन-2026’ नाम के इस मेगा स्वच्छता अभियान में लगभग 9000 सफाई कर्मचारी एक साथ सड़कों पर उतरे और पूरे शहर को कचरा-मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस बड़े अभियान की शुरुआत सुबह 7 बजे हुई, जिसकी कमान खुद नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने संभाली। उन्होंने किशनपोल बाजार से सफाई कार्य का निरीक्षण करते हुए हाथ में झाड़ू भी थामी और सीधे मैदान में उतरकर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया।

13 जोन, 150 वार्ड और 14 घंटे का नॉन-स्टॉप मिशन

इस विशेष स्वच्छता अभियान को जयपुर नगर निगम ने बेहद बड़े स्तर पर तैयार किया है। पूरे शहर के 13 जोन और 150 वार्डों को एक साथ साफ करने का लक्ष्य रखा गया है।

नगर निगम के अनुसार, सामान्य दिनों में शहर से लगभग 2000 से 3000 मीट्रिक टन कचरा डंपिंग यार्ड तक पहुंचता है, लेकिन इस 14 घंटे के विशेष अभियान में इस आंकड़े से भी अधिक कचरा एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है।

अभियान में अतिरिक्त डंपर, हूपर और जेसीबी मशीनों को भी पूरी ताकत के साथ लगाया गया है, ताकि किसी भी इलाके में सफाई में ढिलाई न रहे।

खुद मैदान में उतरे कमिश्नर, जमीनी हकीकत देख जताई नाराजगी

कमिश्नर ओम कसेरा ने अभियान के दौरान अजमेरी गेट और जलेब चौक जैसे व्यस्त इलाकों का निरीक्षण किया। वहां गंदगी और अव्यवस्था देखकर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई और अधिकारियों को साफ-सफाई व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अब केवल सफाई ही नहीं, बल्कि वार्ड स्तर पर माइक्रो-मॉनिटरिंग सिस्टम को भी पूरी सख्ती से लागू किया जाएगा।

जनता और व्यापारियों को सख्त संदेश

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि शहर की स्वच्छता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। व्यापारियों और आम नागरिकों को पहले समझाइश दी जाएगी, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

अधिकारियों ने कहा कि ‘पिंकसिटी’ को साफ और सुंदर बनाने की यह जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की भी है।

स्वच्छता की बड़ी परीक्षा की ओर जयपुर

‘सफाई सेवा मैराथन-2026’ को जयपुर के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा स्वच्छता अभियान माना जा रहा है। यह पहल न केवल शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास है, बल्कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने की भी दिशा में एक बड़ा कदम है।

Jaipur और Jaipur Municipal Corporation के इस संयुक्त प्रयास पर अब सभी की नजरें टिकी हैं कि क्या यह अभियान ‘पिंकसिटी’ को वाकई स्वच्छता के नए मानक तक पहुंचा पाएगा।