बालोतरा जिले की सिवाना पुलिस ने एक गंभीर आपराधिक मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 21 महीने से फरार चल रहे 2 हजार रुपये के इनामी आरोपी वीरेंद्र सिंह पुत्र रतन सिंह, निवासी टाट बधड़ा, थाना नोखा, जिला बीकानेर को गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी 5 मई 2024 को हुई उस क्रूर वारदात में शामिल था, जिसमें एक व्यक्ति की बोलेरो कैंपर गाड़ी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई और लोहे के सरिए व हथौड़े से उस पर हमला कर उसके दोनों हाथ-पैर तोड़ दिए गए थे।पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

घटना का पूरा विवरण

घटना 5 मई 2024 की सुबह की है। पीड़ित सुमेरनाथ ने सिवाना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह और उनका भाई जयंतीनाथ उर्फ जीतूनाथ बोलेरो कैंपर लेकर गांव धीरा से अपनी दुकान की ओर जा रहे थे। रास्ते में जय भारती स्कूल के पास आरोपियों ने अपनी गाड़ी आगे लगाकर उन्हें रोक लिया।

आरोपियों में दिलीप सिंह, महिपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह और उनके साथ 2-3 अन्य लोग शामिल थे। आरोपियों ने जानबूझकर पीड़ित को मारने के इरादे से बोलेरो कैंपर पर पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी। आग इतनी भीषण थी कि पूरी गाड़ी जलकर खाक हो गई।

इसके बाद आरोपियों ने सुमेरनाथ को गाड़ी से नीचे खींचकर लोहे के सरिए और हथौड़े से जमकर पीटा। हमले में सुमेरनाथ के दोनों हाथ और दोनों पैर में गंभीर फ्रैक्चर हो गए। उनके भाई जयंतीनाथ किसी तरह भागकर अपनी जान बचा सके।हमले के दौरान गाड़ी में रखा स्क्रीन टच मोबाइल फोन और 80 हजार रुपये नकद भी आग में जल गए।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां

रिपोर्ट मिलने के बाद सिवाना पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। धाराएं भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं (जैसे 307 - हत्या का प्रयास, 436 - आगजनी, आदि) के तहत लगाई गईं।

पुलिस ने तकनीकी इनपुट, सूचनाओं और लगातार दबिशों के आधार पर कार्रवाई की:पहले दिलीप सिंह और महिपाल सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। (एक अन्य संबंधित मामले में दिलीप सिंह पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था और वह हिस्ट्रीशीटर था।)अब अंतिम फरार आरोपी वीरेंद्र सिंह (2 हजार रुपये इनामी) को सूचना के आधार पर पीछा कर पकड़ा गया।सिवाना थानाधिकारी चंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने आरोपी को दबोचा। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया।