जयपुर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण और हरित विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

हरित विकास पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब वह पर्यावरण के संतुलन के साथ आगे बढ़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल औद्योगिक या आर्थिक विकास नहीं, बल्कि सतत और हरित विकास को बढ़ावा देना है।

जल और प्रकृति संरक्षण की अपील

उन्होंने जल संरक्षण को आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया और कहा कि “बूंद-बूंद पानी बचाना” हर नागरिक का कर्तव्य होना चाहिए। साथ ही उन्होंने वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति हमें जीवन देती है, इसलिए उसका संरक्षण भी हमारी जिम्मेदारी है।

“एक पेड़ मां के नाम” अभियान पर जोर

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को व्यापक स्तर पर अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करनी चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण सुनिश्चित हो सके।

सरकार की योजनाएं और लक्ष्य

राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य बजट 2026-27 में 10 करोड़ पौधे लगाने और उनके संरक्षण का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल राजस्थान को हरित प्रदेश बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

पर्यावरण को जन आंदोलन बनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।