राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने समान पात्रता परीक्षा (CET) की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं को बड़ा अपडेट दिया है। आगामी निकाय और पंचायत चुनावों के मद्देनजर, बोर्ड ने CET सीनियर सेकेंडरी (12वीं स्तर) और ग्रेजुएशन (स्नातक) दोनों स्तरों की प्रस्तावित परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। इस बड़े फैसले का सीधा असर प्रदेश के उन 40 लाख से अधिक अभ्यर्थियों पर पड़ेगा, जो इन परीक्षाओं के लिए जी-जान से जुटे हुए थे।
क्यों टलीं CET की परीक्षाएं?
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के चेयरमैन आलोक राज ने इस बदलाव का कारण स्पष्ट किया है। उनके अनुसार, प्रदेश में फिलहाल स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों की प्रक्रिया चल रही है। चुनाव जैसे बड़े और महत्वपूर्ण आयोजन के लिए भारी संख्या में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। ऐसे में परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त स्टाफ और उचित व्यवस्था सुनिश्चित करना संभव नहीं हो पा रहा था, जिसके चलते दोनों परीक्षाओं को आगे खिसकाने का निर्णय लिया गया है।
अब इस दिन होगी परीक्षा
बोर्ड ने सबसे पहले 12वीं स्तर (Senior Secondary Level) की CET परीक्षा के शेड्यूल में संशोधन किया है।
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पुरानी तारीख: 23 से 25 अक्टूबर 2026 के बीच
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नई तारीख: 1 से 3 दिसंबर 2026 के बीच
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कुल उम्मीदवार: लगभग 24 लाख 50 हजार
अक्टूबर में होने वाली यह परीक्षा अब दिसंबर में शिफ्ट हो गई है। ऐसे में इन 24.5 लाख युवाओं को अपनी तैयारी पुख्ता करने और रिवीजन के लिए एक महीने से ज्यादा का अतिरिक्त (Extra) समय मिल गया है।
CET ग्रेजुएशन लेवल: जनवरी 2027 तक बढ़ा इंतजार
सीनियर सेकेंडरी की परीक्षा की तारीखें आगे बढ़ने का सीधा असर ग्रेजुएशन लेवल CET पर भी पड़ा है, क्योंकि यह परीक्षा पहले दिसंबर में ही प्रस्तावित थी।
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पुरानी तारीख: 1 से 3 दिसंबर 2026 के बीच
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नई तारीख: जनवरी 2027 (दूसरे या तीसरे सप्ताह में)
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कुल उम्मीदवार: लगभग 17 लाख
जिन 17 लाख अभ्यर्थियों को दिसंबर की शुरुआत में परीक्षा देनी थी, उन्हें अब नए साल यानी जनवरी 2027 के दूसरे या तीसरे सप्ताह तक इंतजार करना होगा।
अभ्यर्थियों के लिए चुनौती और अवसर दोनों
CET के दोनों स्तरों को मिलाकर कुल 40 लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं। परीक्षा टलने के इस फैसले को अभ्यर्थी दो नजरिए से देख सकते हैं:
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अवसर (Opportunity): छात्रों को अब पूरा सिलेबस दोहराने, ज्यादा से ज्यादा मॉक टेस्ट देने और अपने कमजोर विषयों को मजबूत करने के लिए काफी समय मिल गया है।
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चुनौती (Challenge): परीक्षा की तारीख आगे खिसकने से कई बार छात्रों की लय टूट जाती है। अगले कुछ महीनों तक अपनी पढ़ाई का मोमेंटम (Momentum) और फोकस लगातार बनाए रखना अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगी।