राजस्थान के जैसलमेर जिले के लाठी क्षेत्र के केरालिया गांव में मंगलवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब करीब 6 फीट लंबा जहरीला कोबरा एक घर के मुर्गियों के बाड़े में घुस गया। सांप को देखकर परिवार के सदस्य डर गए और तुरंत सुरक्षित दूरी पर चले गए। हालांकि, जब तक कोई मदद पहुंचती, तब तक कोबरा बाड़े में मौजूद पांच मुर्गियों का शिकार कर चुका था।
कोबरा देखकर परिवार में मची दहशत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह घर के लोगों की नजर जैसे ही बाड़े में मौजूद विशाल कोबरा पर पड़ी, पूरे परिवार में हड़कंप मच गया। जहरीले सांप के कारण कोई भी उसके करीब जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। परिवार की सबसे बड़ी चिंता खुद की सुरक्षा के साथ-साथ बाड़े में मौजूद मुर्गियों को बचाने की थी।
लेकिन कुछ ही देर में कोबरा ने एक-एक कर पांच मुर्गियों को अपना शिकार बना लिया।
वन विभाग को सूचना, लेकिन नहीं पहुंची टीम
घटना की जानकारी तुरंत लाठी वन विभाग को दी गई और रेस्क्यू टीम भेजने की मांग की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद काफी देर तक वन विभाग की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची।
इस दौरान गांव के लोगों ने एहतियात बरतते हुए घर और बाड़े के आसपास लोगों की आवाजाही रोक दी, ताकि कोई हादसा न हो।
वन्यजीव प्रेमी ने किया जोखिम भरा रेस्क्यू
जब वन विभाग की टीम नहीं पहुंची, तब स्थानीय वन्यजीव प्रेमी विक्रम दर्जी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सावधानी के साथ कोबरा को पकड़ने का प्रयास शुरू किया।
रेस्क्यू के दौरान कोबरा लगातार फुफकारता रहा और कई बार आक्रामक भी हुआ। काफी देर की मशक्कत और सतर्कता के बाद आखिरकार कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया गया।
बाद में उसे आबादी से दूर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
घटना के बाद कामधेनु सेना के केरालिया ग्राम अध्यक्ष रणवीर सिंह भाटी ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि सूचना मिलने के बाद भी यदि रेस्क्यू टीम समय पर नहीं पहुंचती है, तो भविष्य में किसी व्यक्ति की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
उन्होंने मांग की कि वन विभाग ऐसे मामलों में त्वरित रेस्क्यू व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों के प्रवेश से होने वाले संभावित हादसों को समय रहते रोका जा सके।
बरसात में बढ़ रहे हैं सांप निकलने के मामले
विशेषज्ञों के अनुसार, बरसात के मौसम में बिलों में पानी भरने और नमी बढ़ने के कारण सांप अक्सर रिहायशी इलाकों की ओर निकल आते हैं। ऐसे में लोगों को घबराने के बजाय तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना देनी चाहिए और स्वयं सांप पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।